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शुक्रवार, अगस्त 29, 2025
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तिरंगे की अलख जगाने सेंट अब्राहम स्कूल में आयोजित हुई संगोष्ठी

जबलपुर, आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर देश में आज़ादी का अमृत महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र सेंट अब्राहम नर्सरी स्कूल में तिरंगे की अलख जगाने के लिए एक संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें कार्यक्रम के मुख्यातिथि भाजपा युवा नेता सरताज मंजिल ने अपने उद्बोधन में कहा कि आजादी की लड़ाई में मुसलमानों के योगदान को भुलाया नही जा सकता जो देश से प्यार करता है वो देश के ध्वज से भी प्यार करता है इसलिए हर मुसलमान को चाहिए कि अपने देश के सम्मान में अपने-अपने घरों में तिरंगा लहरायें। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज चिंतक समाज सुधारक एवं स्कूल के संचालक डॉ मोहम्मद रफीक खान ने कहा के देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आव्हान पर 13 से 15 अगस्त तक आज़ादी का अमृत महोत्सव पर्व के अंतर्गत हर घर तिरंगा फहराया जायेगा जिसमे पूरा देश अपनी भागीदारी प्रदान कर रहा है इसमे मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र भी खुलकर अपनी सहभागिता प्रदान करेगा, इस अवसर पर भारी संख्या में मुस्लिम महिलाएं एवं स्कूल स्टाफ उपस्थित रहा ।

लोकतंत्र में डीआरएस की सुविधा!

इसलिए इस लोकतंत्र में जनता और लोकसेवकों को जनप्रतिनिधियों के रिव्यू का अधिकार मिलना चाहिए। जनता को इसलिए क्यूंकि जनप्रतिनिधियों का इनसे सीधा संबंध है और नौकरशाहों को इसलिए क्यूंकि वो जनता और नेता के बीच की अहम कड़ी हैं। वे ही हैं जो जानते हैं किस नेता का गिरेबान कितना काला और कितना सफेद है।

क्रिकेट ने खेल के तौर पर हम सबका बहुत मनोरंजन किया है। इस खेल से लोकप्रिय हुए खिलाड़ियों को लोगों ने अपनी पलकों पर भी बैठा लिया। हालांकि मैं क्रिकेट का जुनूनी दर्शक नहीं हूँ लेकिन उसकी एक बात मुझे बहुत अच्छी लगती है जब खिलाड़ी अम्पायर के दिए हुये डिसीज़न का रिव्यू करता है, जिसे हम डिसीज़न रिव्यू सिस्टम कहते हैं। अगर अम्पायर का डिसीज़न रिव्यू के दौरान गलत साबित होता है तो उसे अपना निर्णय रद्द करना पड़ता है। क्रिकेट में डीआरएस की व्यवस्था 2008 के पहले नहीं थी हालांकि 1992 से अम्पायर टीवी रीप्ले के ज़रिए जरूर निर्णय देने लगे थे। 2008 से पहले तक अम्पायर के गलत निर्णय के चलते हार जीत की तस्वीर बदल जाती थी। मैं दावे के साथ तो नहीं कह सकता लेकिन जब अम्पायर के निर्णय को रिव्यू करने का अधिकार अस्तित्व में आने की कोशिश कर रहा होगा तब किसी ने जरूर कहा होगा “अगर लोग अम्पायर के निर्णय पर ही उँगलियाँ उठाने लगे तो उसकी उपयोगिता क्या रह जाएगी?” लेकिन फिर किसी ने ये भी कहा होगा “अम्पायर है, वो भी किसी के प्रभाव में आ सकता है या उससे भी चूक हो सकती है।“ फिर तभी किसी ने इस पर और सोचकर प्रभावशाली नियम बनाने का सुझाव दिया होगा। अगर आप गौर से देखें तो पता चलेगा कि रिव्यू, थर्ड अम्पायर का ही एक परिष्कृत स्वरूप है, जहां खिलाड़ी अपने विवेक का प्रयोग करते हुए रिव्यू का निर्णय लेता है। जिस खेल में हार-जीत, पुरस्कार, प्रतिष्ठा जैसी चीजें दांव पर लगी हैं वहाँ खेल के दौरान रिव्यू को एक अधिकार के तौर पर दिया गया है। किन हम जिस लोकतंत्र के अधीन हैं जहां मामला भोजन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास, रोजगार और गरीबी जैसे यहां विषयों का है! वहाँ नेता चुनने के बाद रिव्यू का अधिकार नहीं है। ले और है भी तो हर पाँच साल में। लेकिन आप उसे रिव्यू नहीं कह सकते। रिव्यू का मतलब ही है लिए गए निर्णय का परीक्षण, जिससे संभावित भूल को सुधारा जा सके। वैसे मान लीजिए अगर इस तरह के रिव्यू का अधिकार मिल जाए तो? तो रिव्यू की सूरत में आपको जिसका कार्यकाल अच्छा लगे आप उसे अगले साल तक के लिए फिर से मौका दे सकते हैं। वैसे हम हर साल वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर कई तरह की प्रक्रियाओं को देखते हैं, जैसे हमें अपना टैक्स रिटर्न भरना होता है, विभिन्न कम्पनीज़ अपने फायदा-नुकसान की रिपोर्ट जारी करती हैं, ऑडिट्स होते हैं, बजट पेश किया जाता है और वगैरह- वगैरह। तो फिर हर साल जनप्रतिनिधियों के काम-काज के ब्योरे के आधार पर उनका रिव्यू क्यूँ नहीं किया जाता? हाँ, हर साल चुनाव करके एक नया जनप्रतिनिधि चुनना एक महंगा और कठिन काम है लेकिन इसके भी अन्य विकल्प मौजूद हैं। मुझे नहीं लगता कि जिस देश में किसानों को डिजिटल बैंकिंग से जोड़ा जा सकता है वहाँ बिना चुनाव किए नेताओं के रिव्यू के रास्ते नहीं निकाले जा सकते। रामायण की चौपायी का एक हिस्सा है “भय बिनु प्रीति न होई रामा”, जिसका तात्पर्य है बिना भय के प्रेम नहीं होता। जनप्रतिनिधियों के हाथ में सत्ता की ताकत आने के बाद कई नेता अपनी जिम्मेदारियों और जनता से मुंह मोड़ लेते हैं। संविधान हमें हर पाँच वर्ष के लिये जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार देता है। इसलिए सत्ता के मद में चूर नेता पाँच साल तक निरंकुश हो जाते हैं और फिर विपक्ष कहता है आपने पाँच साल उन्हें मौका दिया, अब हमें देकर देखिए। पाँच साल!! पाँच साल में एक नवजात स्कूल जाने लगता है, पौधा पेड़ बन जाता है, कुछ नौकरी पाने योग्य तो कुछ अयोग्य हो जाते हैं। बहुत कुछ बदल जाता है। पाँच साल एक लंबा कार्यकाल है। इसलिए इस लोकतंत्र में जनता और लोकसेवकों को जनप्रतिनिधियों के रिव्यू का अधिकार मिलना चाहिए। जनता को इसलिए क्यूंकि जनप्रतिनिधियों का इनसे सीधा संबंध है और नौकरशाहों को इसलिए क्यूंकि वो जनता और नेता के बीच की अहम कड़ी हैं। वे ही हैं जो जानते हैं किस नेता का गिरेबान कितना काला और कितना सफेद है। दोनों के हाथ में रिव्यू देना इसलिए ज़रूरी है क्यूंकि समूची जनता का बौद्धिक स्तर ज़रूरी नहीं इतना हो कि वो मार्केटिंग के बहकावे से बच पाए। और नौकरशाह भी तो नेता के प्रभाव में आ सकते हैं, इसलिए सिर्फ उनका ही रिव्यू मान्य नहीं होना चाहिए। ब्यूरोक्रेसी में भी नेता को रिव्यू करने का अधिकार आईएएस, आईपीएस और आईआरएस जैसे अधिकारियों को मिलना चाहिए। क्यूंकि ये वो लोग हैं जो एक पूरे ज़िले की देख-रेख कर रहे हैं और विश्व की कठिनतम परीक्षाओं में से एक को उत्तीर्ण कर इस पद तक पहुँच पाते हैं। लेकिन बिल्ली के गले में घंटी बांधेगा कौन? क्यूंकि ये अधिकार आपको मिलेगा या नहीं इसका फैसला भी तो बिल्लियाँ ही करेंगी। और कोई भी बिल्ली अपने गले में घंटी बर्दाश्त नहीं करेगी बशर्ते बिल्ली ईमानदार हो। बात करके देखिए ज़रा अपनी बिल्ली से। (8 अगस्त 2022 को प्राथमिक मीडिया साप्ताहिक समाचार पत्र में प्रकाशित संपादकीय)

पिछले पांच वित्त वर्ष में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये बैंक ऋण गया बट्टे खाते में – सरकार ने सदन में दी जानकारी

नई दिल्ली, बैंकों ने पिछले पांच वित्त वर्ष में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के बैंक ऋण को बट्टे खाते में डाला है. वित्त राज्यमंत्री भागवत के कराड़ ने पिछले हफ्ते मंगलवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि वित्तवर्ष 2021-22 के दौरान, बट्टेखाते में डाली जाने वाली राशि इससे पिछले वित्तवर्ष के 2,02,781 करोड़ रुपये की तुलना में घटकर 1,57,096 करोड़ रुपये रह गई. आल इंडिया बैंक इम्प्लॉइ एसोसिएशन (AIBEA) द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2019-20 में, बट्टेखाते में डाली गई राशि 2,34,170 करोड़ रुपये थी, जो वर्ष 2018-19 में 2,36,265 करोड़ रुपये के पांच साल के रिकॉर्ड स्तर से कम थी। जबकि साल 2017-18 के दौरान बैंकों ने बट्टे खाते (Banks write off loans) में 1,61,328 करोड़ रुपये डाले थे। यानि पिछले पांच वित्त वर्ष (2017-18 से 2021-22) में 9,91,640 करोड़ रुपये का बैंक ऋण बट्टे खाते में डाले गए हैं. मार्च 2022 तक शीर्ष 25 चूककर्ताओं का विवरण साझा करते हुए वित्त राजमंत्री ने कहा, गीतांजलि जेम्स लिमिटेड इस सूची में सबसे ऊपर है. इसके बाद एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग, कॉनकास्ट स्टील एंड पावर, आरईआई एग्रो लिमिटेड और एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड का स्थान है.

ये हैं बड़े बकाएदार – फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स पर बैंकों का 7,110 करोड़ रुपये बकाया है, जबकि एरा इंफ्रा इंजीनियरिंग पर 5,879 करोड़ रुपये और कॉनकास्ट स्टील एंड पावर लिमिटेड पर 4,107 करोड़ रुपये बकाया है. इसके अलावा, आरईआई एग्रो लिमिटेड और एबीजी शिपयार्ड ने बैंकों से क्रमश: 3,984 करोड़ रुपये और 3,708 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है. इसके अलावा फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड पर 3,108 करोड़ रुपये, विनसम डायमंड्स एंड ज्वैलरी पर 2,671 करोड़ रुपये, रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड पर 2,481 करोड़ रुपये, कोस्टल प्रोजेक्ट्स लिमिटेड पर 2,311 करोड़ रुपये और कुडोस केमी पर 2,082 करोड़ रुपये बकाया हैं.

ज़ेड एच फाउंडेशन ने रेड क्रॉस के मार्गदर्शन में बच्चों को बाँटी नोटबुक

जबलपुर, शिक्षा का संबंध न सिर्फ जीवनयापन से है बल्कि एक बेहतर समाज निर्माण से भी है। एक शिक्षित का समाज का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक वर्ग को शिक्षा उपलब्ध हो। जिसका बीज यदि बचपन में ही रोप दिया जाए तो उसके वृक्ष बनने के अवसर अधिक होते हैं। समाज के हर वर्ग को शिक्षा का समान अवसर मिले, इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ज़ेड एच फाउंडेशन पिछले 7 वर्षों से लगातार सक्रिय है। जिसके अन्तर्गत बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ स्टेशनरी भी उपलब्ध करवायी जाती है। इसी कड़ी में आज 31 जुलाई 2022 दिन रविवार को अनवर खां महबूब कंपनी, हनुमानताल जबलपुर के सामने स्थित फाउंडेशन की शाखा में विशाल निशुल्क नोटबुक वितरण कार्यक्रम किया गया। जिसमें ऐसे बच्चों को नोटबुक वितरित की गई, जो गरीब, बेसहारा एवं कोरोना काल में अपने माता पिता को खो चुके हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के मेंबर, सिविल डिफेंस के डिविजनल वार्डन सुनील गर्ग उपस्थित रहे। इस मौके पर ज़ेड एच फाउंडेशन के फाउंडर हजरत सैय्यद आमिर हसन दादा जी ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

सुबह 9 बजे से शुरू होगी मतगणना, प्राथमिक मीडिया पर एक क्लिक में जान पाएंगे प्रत्याशियों की स्थिति

जबलपुर, शहर के महापौर और सभी 79 वार्डों के पार्षद पद के लिए डाले गये मतों की गणना आज रविवार 17 जुलाई को सुबह 9 बजे से एम.एल.बी. स्कूल में होगी। मतगणना की शुरूआत निर्वाचन कर्त्तव्य मतपत्रों की गिनती से होगी। इसके कुछ देर बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के मतों की गिनती की जाएगी। मतों की गिनती एम.एल.बी. स्कूल के कुल 18 कमरों में होगी । जिसमें से 16 कमरों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के और एक कमरे में निर्वाचन कर्त्तव्य मतपत्रों की गिनती होगी। महापौर और पार्षद पद के मतों की गणना एक साथ वार्डवार की जायेगी ।

किस कमरे में किस वार्ड की गिनती – वार्ड क्रमांक 1 से 5 तक के मतों की गिनती भूतल के कक्ष क्रमांक 1 में, वार्ड क्रमांक 6 से 10 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 2 में, वार्ड क्रमांक 11 से 15 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 3 में, वार्ड क्रमांक 16 से 20 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 4 में, वार्ड क्रमांक 21 से 25 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 6 में, वार्ड क्रमांक 26 से 30 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 7 में, वार्ड क्रमांक 31 से 35 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 8 में एवं वार्ड क्रमांक 36 से 40 के मतों की फिनती भूतल के कक्ष क्रमांक 10 में, वार्ड क्रमांक 41 से 45 के मतों की गिनती प्रथम तल के कक्ष क्रमांक 11 में, वार्ड क्रमांक 46 से 50 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 13 में, वार्ड क्रमांक 51 से 55 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 14 में, वार्ड क्रमांक 56 से 59 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 15 में, वार्ड क्रमांक 60 से 64 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 16 में, वार्ड क्रमांक 65 से 69 के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 17 मे, वार्ड क्रमांक 70 से 74 , के मतों की गिनती कक्ष क्रमांक 18 में तथा वार्ड क्रमांक 75 से 79 तक के मतों की गिनती प्रथम तल के कक्ष क्रमांक 19 में होगी।

अधिकारियों की स्थिति – इन सभी कमरों में एक-एक अतिरिक्त सहायक रिटर्निंग अधिकारी की नियुक्ति की गई है । इसके साथ ही प्रत्येक गणना टेबल पर एक गणना पर्यवेक्षक और दो गणना सहायक नियुक्त किये गये हैं। उम्मीदवारों के गणन अभिकर्त्ता जिस टेबिल के लिए उन्हें नियुक्त किया गया है उस टेबिल के अलावा कहीं नहीं आ जा सकेंगे। इसी तरह ई.व्ही.एम.की गणना के लिए नियुक्त अभिकर्त्ता निर्वाचन कर्त्तव्य मतपत्रों की गणना के लिए प्रयुक्त कक्षों में प्रवेश नहीं पा सकेंगे और निर्वाचन कर्त्तव्य मतपत्र की गिनती के लिए नियुक्त गणन अभिकर्त्ता ई.व्ही.एम. की गणना वाले कक्ष में प्रवेश नहीं कर सकेंगे ।

चुनाव अभिकर्त्ता और गणन के लिए नियम – अभिकर्त्ताओं को गणना स्थल पर सुबह 8 बजे प्रवेश करना होगा। गणना अभकर्त्ताओं को प्रवेशपत्र के साथ कोई भी फोटो पहचान पत्र लाना भी अनिवार्य होगा। गणना स्थल के भीतर बिना प्रवेश पत्र के किसी को भी आने की अनुमति नहीं होगी। उम्मीदवार अथवा उनके गणन अभिकर्त्ता गणना स्थल एम.एल.बी. स्कूल के गेट नंबर दो से प्रवेश कर सकेंगे। एम.एल.बी. स्कूल का गेट नंबर एक मतगणना कर्मियों और गणना के लिए नियुक्त अन्य शासकीय कर्मचारियों तथा मीडियां कर्मियों के लिए रहेगा। गणना टेबिल पर एक समय पर उम्मीदवार की ओर से केवल एक व्यक्ति को ही मौजूद रहने की अनुमति होगी। या तो उम्मीदवार खुद या उसका निर्वाचन अभिकर्ता अथवा उसका गणन अभिकर्त्ता में से कोई एक व्यक्ति ही एक समय पर एक टेबिल पर मौजूद रह सकता है। उम्मीदवारों अथवा निर्वाचन अभिकर्त्ताओं के लिए मतगणना केन्द्र परिसर में अलग से बैठक व्यवस्था की गई है।

चुनावी मतगणना का प्राथमिक मीडिया पर मिलेगा लाइव अपडेट इन्साइट न्यूज़ के सहयोग से प्राथमिक मीडिया पर चुनावी मतगणना का प्राथमिक मीडिया पर लाइव अपडेट मिलता रहेगा। जिसकी लिंक यहाँ दी जा रही है। इस पर क्लिक करके आप लाइव अपडेट वाले पेज पर पहुंचेंगे, जिसमें हर क्षण प्राप्त होने वाले लाइव आँकड़े डाले जाएंगे। हर बार पेज रिफ्रेश करके आप अपडेट होने वाले आँकड़े देख सकते हैं। इस लिंक को मोबाईल और डेस्कटॉप दोनों पर देखा जा सकता है। लिंक को बुकमार्क करके सेव भी किया जा सकता है।

चुनावी मतगणना की लिंक – https://www.prathmikmedia.com/jabalpur-live-vote-counting/

एस पी ने किया मुख्य मंत्री की आम सभा स्थल निरीक्षण, कल है शिवराज की आम सभा

2 जुलाई, जबलपुर। शहर में नगर निगम के चुनाव को अब कुछ ही दिन शेष हैं। महापौर और पार्षद पद के दावेदार जोर-शोर से चुनाव प्रचार में जुटे हैं। यही वजह है कि शहर में आए दिन बड़े नेताओं और मंत्रियों की आमसभा और रैलियाँ भी आयोजित हो रही हैं। लेकिन ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि नगर निगम स्तर के चुनाव में प्रदेश का मुखिया अपनी पार्टी के प्रचार में जुटा हो। शहर में ये चर्चा ज़ोरों पर है कि इस बार भाजपा की अन्य दलों से कांटे की टक्कर है इसलिए तो मुख्यमंत्री स्वयं युद्धस्तर पर प्रचार करने में जुटे हैं। चुनावी आचार संहिता लागू है लेकिन फिर भी जब प्रदेश का मुखिया शहर में कोई आम सभा या रैली करता है तो पुलिस को सुरक्षा के विशेष ध्यान रखने होते हैं। इसी तारतम्य में आज जबलपुर पुलिस के कप्तान सिद्धार्थ बहुगुणा अपने दल-बल के साथ कल आयोजित होने वाली आमसभा के विभिन्न स्थलों निरीक्षण करने पहुंचे।

व्यवस्थाओं के सम्बंध में दिये ज़रूरी निर्देश – शाम 5 बजे से पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा ने अतिरिक्त पुलिस शहर गोपाल खाण्डेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उत्तर/ यातायात प्रदीप कुमार शेण्डे के साथ बड़ा पत्थर रांझी और पुराना बस स्टैण्ड गढ़ा भ्रमण किया। उन्होंने कल की आमसभा के दौरान सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं के लिए मौके पर मौजूद नगर पुलिस अधीक्षक रांझी एम.पी. प्रजापति, उप पुलिस अधीक्षक यातायात मधुकर चौकीकर, उप पुलिस अधीक्षक यातायात पंकज परमार, थाना प्रभारी रांझी सहदेवराम साहू, थाना प्रभारी गढा राकेश तिवारी और सूबेदार यातायात मोहन सिंह को आवश्यक निर्देश दिये।

छाता लगाये पैदल नज़र आए पुलिस कप्तान और उनका महकमा – निरीक्षण के दौरान कई बार बारिश की वजह से पुलिस कप्तान और उनका महकमे छाता लगाए नज़र आया। साथ ही आमसभा के आसपास की जगहों को अपनी टीम के साथ उन्होंने पैदल ही नाप लिया। ऐसा भी मौका आया कि जब बूँदा-बाँदी तो होती रही लेकिन पुलिस उसे नज़रअन्दाज़ करके अपनी काम में जुटी रही।

दलदल में फंसे व्यक्ति की जान बचायी बरहन पुलिस ने

2 जुलाई, आगरा। उत्तर प्रदेश पुलिस के जनपद बरहन थाना के पुलिसकर्मी संदेश कुमार के साहस और उनकी टीम की तत्परता की चारों ओर सरहना की जा रही है। उनके साहस और टीम की मुस्तैदी के चलते एक 54 वर्षीय व्यक्ति की जान बचायी जा सकी। पुलिस् द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 1 जुलाई को बरहन रेल्वे जंक्शन के पास दलदल में एक व्यक्ति के फंसे होने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई। जिसका धड़ दलदल में डूब चुका था और मात्र गर्दन ही दिखायी दे रही थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अपनी टीम और स्थानीय लोगों के सहयोग से रस्सी की व्यवस्था की। जिसे कमर में बांधकर बरहन थाना के आरक्षक संदेश कुमार दलदल में उतरे। दलदल में फंसे हुए व्यक्ति को उन्होंने पकड़ा। जिसके बाद बाहर मौजूद उनकी टीम ने उन दोनों को रस्सी की सहायता से खींचा। बाहर निकालने के पश्चात उस व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के लिए नजदीक के अस्पताल भेज दिया गया। बचाए गए व्यक्ति का नाम ब्रजेश पुत्र कुंवरपाल सिंह, उम्र 54 वर्ष, निवासी गुम्मट मोहल्ला, थाना ताजगंज, आगरा बताया जाता है। बचाव कार्य में उत्तर प्रदेश पुलिस, ज़िला आगरा के जनपद बरहन थाना प्रभारी शेर सिंह, उपनिरीक्षक मिथुन सिंह, हेड कांस्टेबल चालक विजयपाल सिंह की भी अहम भूमिका रही। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस का सहयोग किया।

सायकलिंग से बना रहे हैं खुदकी सेहत, अब बनाएंगे पर्यावरण की भी

2 जुलाई, जबलपुर। कोरोनाकाल का सामना करने के बाद लोगों में अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है। पूरी दुनिया जब कोविड से उबरकर बाहर आने लगी तो लोग सेहतमंद गतिविधियों में अपनी रुचि दिखाने लगे। कोरोना के बाद काफी लोगों ने भीड़-भाड़ वाली जगहों पर व्यायाम को तवज्जो न देकर, सायकलिंग में अपना रुझान दिखाना शुरू किया। धीरे-धीरे हर शहर में सायकलिंग के ग्रुप बनने लगे। ऐसा ही एक ग्रुप है टूर दे जबलपुर, जिसका मतलब है जबलपुर की यात्रा।

ग्रुप के दलबीर सिंह द्वारा बनाया गया वीडियो

हर सदस्य की है अपनी विशेषता – दिसंबर 2021 में इस ग्रुप की शुरुआत 4-5 लोगों से हुई। इस ग्रुप में 40 के करीब सदस्य हैं जो प्रतिदिन सायकलिंग करते हैं। लेकिन शनिवार ऐसा दिन होता है जब सभी मिलकर जॉय राइड पर जाते हैं। इस ग्रुप में संस्कारधानी के शासकीय और व्यापारी वर्ग के अलावा कुछ सदस्य ऐसे भी हैं जिनकी उपलब्धियां थोड़ी हटकर हैं, जैसे मेलिन पोर्टर नेशनल शूटर हैं, विजय तीन बार आयरनमैन चॅम्पियन का खिताब जीत चुके हैं, अंकित को माउंटेन मैन की उपाधि मिली है। ग्रुप की ही श्वेता दुबे ने हाल में 7 दिवसीय योग प्रशिक्षण दिया है, इसके अलावा ग्रुप के सबसे वरिष्ठ सदस्य मिर्ज़ा रमानी जो लगभग 70 वर्ष के हैं, वे रोज नियमित रूप से लगभग 45 किलोमीटर सायकल चलाते हैं। और हर शनिवार जॉय राइड का भी हिस्सा बनते हैं। ग्रुप के सदस्य सायकल से कान्हा और पचमढ़ी जैसी जगह होकर या चुके हैं। इसके लगभग सभी सदस्य 100 से लेकर 300 किलोमीटर तक की सायकलिंग एक दिन में कर चुके हैं।

प्लांट अ ट्री राइड

वीडियो में कैद कर लेते हैं हर जॉय राइड – ये ग्रुप न सिर्फ सायकलिंग का मज़ा लेता है बल्कि सफर के दौरान पिकनिक का भी आयोजन करता है। अपने इन ऊर्जा और खुशी से भरे लम्हों को ये ग्रुप कैमरा में भी कैद करता है, जिसकी झलक आपको इनके द्वारा बनाए वीडियो में भी दिखाई देगी। ग्रुप के ही दलबीर सिंह ग्रुप के मोमेंट्स को कैमरा में कैद करके उसके वीडियो में ढाल देते हैं। शनिवार की जॉय राइड के बाद इनके वीडियोज़ का इंतज़ार सोशल मीडिया के साथ-साथ विदेशों में रह रहे ग्रुप के सदस्यों के परिवार भी करते हैं।

प्लांट अ ट्री राइड – इस ग्रुप ने अब अपनी सेहत के साथ-साथ पर्यावरण के बारे में सोचना शुरू कर दिया है। जिसके तहत अब सदस्य आगामी 3 जुलाई को डुमना रोड में ट्रिपल आई टी के पास सुबह 7 बजे पौधारोपण करेंगे। इस मुहिम को प्लांट अ ट्री राइड का नाम दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए 7000605179 पर संपर्क कर सकते हैं। या फ़ेसबुक ईवेंट के लिंक https://fb.me/e/4WJpBaoTr पर क्लिक कर सकते हैं। हाल ही के महीनों में डुमना रोड के किनारे के वृक्षों को सड़क चौड़ा करने के उद्देश्य से काट दिया गया था जिसका कुछ संगठनों ने विरोध भी किया था। टूर दे जबलपुर जैसे ग्रुप्स के पौधरोपण जैसी मुहिम चलते इस क्षेत्र के पर्यावरण को दुबारा और बेहतर ढंग से संवारा जा सकता है।

चुनाव आते ही एसएसपी का ये वीडियो होने लगता है वायरल

https://www.youtube.com/watch?v=87QTI1LjssE

उत्तर प्रदेश मुजफ्फरनगर के तत्कालीन एसएसपी अभिषेक यादव का यह वीडियो चुनाव आते ही वायरल होने लगता है। जिसमें वे पंचायत चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को यह चेतावनी देते हुए नजर आते हैं कि अगर किसी ने भी अवैध ढंग से चुनाव लड़ने की कोशिश की या मतदाता पर दबाव डाला या मतदाताओं को धमकी दी या मतदाताओं के बीच शराब बांट कर या पैसे देकर वोट लेने की कोशिश की तो वे ऐसे प्रत्याशियों को जेल के सलाखों के पीछे पहुंचाएंगे। वह दो टूक शब्दों में अपनी चेतावनी देते हुए कहते हैं कि यदि किसी ने भी अवैध ढंग से चुनाव लड़ने की कोशिश की तो वह उनकी जिंदगी नरक बना देंगे। इसके साथ ही वह गांव वालों से भी अपील करते हैं कि अपना प्रधान आपको बहुत सोच समझकर चुनना है। अगर वह शराब पिलाता है या कोई अवैध काम करता है, उसके बाद भी आप ऐसे व्यक्ति का चुनाव करते हैं तो आप अपने आने वाले 5 साल को खतरे में डाल रहे हैं।

बताया जाता है कि यह वीडियो साल 2021 का है, जिसमें अभिषेक यादव का बुढ़ाना थाना क्षेत्र के गांव जोला में ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीणों को संबोधित कर रहे हैं। हालांकि इस विडिओ को यूजर ने 2 मिनट के आसपास का रिकार्ड किया था। लेकिन उसमें से 30 सेकंड का ये हिस्सा चुनावों के नज़दीक आते ही अक्सर वायरल होने लगता है।

अस्वीकारण – प्राथमिक मीडिया वीडियो में दिखाए जाने वाले किसी भी कथन के दावे की पुष्टि नहीं करता।

छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे लगाएं और फेंसिंग काटने वालों के खिलाफ करें एफ.आई.आर. – कलेक्टर

23 जून, जबलपुर। मदन महल बदनपुर पहाड़ी क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के 20 हजार से अधिक पौधों का रोपण कर पूरे क्षेत्र को ईको जोन में विकसित किया जायेगा। पौधों के संरक्षण के लिए फिलहाल सामान्य आवागमन इस क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेगा। अतिक्रमण मुक्त बदनपुर पहाड़ी को विकसित करने हेतु स्मार्ट सिटी द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है। पौधों के रोपण के लिए गड्ढे, सुरक्षित परिसर के लिए फेंसिंग, मिट्टी आदि की व्यवस्थाएँ भी तेज गति से कराई जा रही हैं। उक्त कार्यों का निरीक्षण कलेक्टर डॉं. इलैयाराजा टी, निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. निधि सिंह राजपूत ने किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि पूरे बदनपुर पहाड़ी क्षेत्र को ईको जोन में विकसित करेंगे। इस कार्य में किसी भी तरह के व्यवधान पैदा करने, सुरक्षित परिसर या फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने पर एफ.आई.आर. की जाएगी। यहाँ 1 जुलाई पौधारोपण शुरू किया जाएगा जिसमें 20 हजार से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए उन्होंने स्मार्ट सिटी की सी.ई.ओ. और उनकी पूरी टीम को अलग से निर्देश दिये। निरीक्षण के मौके पर उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यहां पर विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण, छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे भी लगाएं ताकि उसका लाभ पर्यटकों के साथ-साथ वन्य जीव प्राणियों को भी मिल सके। निरीक्षण के मौके पर प्रशासनिक अधिकारी रवि राव, सहायक यंत्री कविस मिश्रा, के.एल.काँवरे आदि उपस्थित रहे।