32.6 C
Delhi
मंगलवार, मार्च 10, 2026
होमअपराधभ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंचा पिता, बोला यह हमलों का सबूत

भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंचा पिता, बोला यह हमलों का सबूत

जबलपुर हाईकोर्ट में सोमवार को हैरान करने वाली घटना हुई। रीवा के दयाशंकर पांडे अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर कोर्ट पहुंच गए। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद उन पर हमले हो रहे हैं। हालिया हादसे में पत्नी का गर्भपात हुआ। उन्होंने इसे हमलों का सबूत बताया।

हाईकोर्ट में चौंकाने वाली घटना। रीवा के दयाशंकर पांडे अजन्मे बच्चे का भ्रूण लेकर कोर्ट पहुंचे। बोले, लगातार हमले हो रहे हैं और यह उसका सबूत है।

प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला

• पहला, रीवा निवासी दयाशंकर पांडे हाईकोर्ट भ्रूण लेकर पहुंचे।

• उनका आरोप है कि शिकायत के बाद हमले हुए।

• हालिया सड़क हादसे में उनकी पत्नी का गर्भपात हुआ।

• उन्होंने कोर्ट में इसे हमलों का सबूत बताया।

• पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

जबलपुर हाईकोर्ट में अचानक मचा हड़कंप

सोमवार को जबलपुर हाईकोर्ट में असामान्य दृश्य दिखा।रीवा के दयाशंकर पांडे अचानक कोर्ट रूम पहुंचे।उनके हाथ में एक जार था।उसमें उनके अजन्मे बच्चे का भ्रूण रखा था।यह देखकर कोर्ट परिसर में हलचल मच गई।कई लोग कुछ पल के लिए हैरान रह गए।सुरक्षा कर्मी तुरंत सक्रिय हो गए।घटना कोर्ट नंबर 17 में हुई।

जज की बेंच के सामने रखी अपनी पीड़ा

दयाशंकर पांडे जस्टिस हिमांशु जोशी की बेंच तक पहुंचे।उन्होंने जज के सामने अपनी बात रखी।उन्होंने कहा कि उनके परिवार पर हमले हो रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह सबूत है।दयाशंकर ने कहा कि अदालत सबूत मांगती है।इसलिए वह भ्रूण लेकर आए हैं।उन्होंने कहा कि आगे शायद वह जिंदा भी न रहें।

शुभ मोटर्स की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद

दयाशंकर पहले जबलपुर की एक कंपनी में काम करते थे।कंपनी का नाम शुभ मोटर्स बताया गया।वह वहां अकाउंटेंट के पद पर थे।दयाशंकर का आरोप है कि कंपनी में गड़बड़ी हुई।उन्होंने कहा कि करीब 200 करोड़ की कैपिटल दिखाई गई।उनके अनुसार यह रकम फर्जी थी।उन्होंने इसकी शिकायत कई जगह की।दयाशंकर का दावा है कि यहीं से विवाद शुरू हुआ।उनका कहना है कि इसके बाद दबाव और हमले बढ़े।

लोकसभा चुनाव के दौरान जलाई गई थी गाड़ी

दयाशंकर ने बताया कि पहला बड़ा हमला 2024 में हुआ।उस समय लोकसभा चुनाव चल रहे थे।वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में थे।उनकी प्रचार वाली गाड़ी में आग लगा दी गई।उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में की।उनका आरोप है कि आरोपी अब तक नहीं पकड़े गए।

पिता भी बने हादसे का शिकार

दयाशंकर ने दूसरी घटना का भी जिक्र किया।उन्होंने बताया कि यह मई 2025 की घटना है।उस दिन उनके पिता कोर्ट जा रहे थे।रास्ते में एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी।कार पर नंबर प्लेट नहीं थी।दयाशंकर ने इसे संदिग्ध बताया।

नवंबर 2025 में फिर हुआ सड़क हादसा

दयाशंकर के अनुसार एक और हादसा हुआ।यह घटना नवंबर 2025 में हुई।उन्होंने कहा कि एक कार ने उन्हें टक्कर मारी।उनका दावा है कि यह सामान्य हादसा नहीं था।उन्हें इसके पीछे साजिश का शक है।

मार्च 2026 के हादसे में पत्नी का गर्भपात

सबसे दर्दनाक घटना मार्च 2026 में हुई।उस दिन वह पत्नी और बच्ची के साथ बाइक पर थे।रास्ते में एक कार ने बाइक को टक्कर मारी।इस हादसे में उनकी पत्नी घायल हुईं।पत्नी उस समय गर्भवती थीं।डॉक्टरों को बाद में गर्भपात करना पड़ा।इसमें उनके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई।

पुलिस और एसएएफ ने संभाली स्थिति

कोर्ट में घटना के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई।एसएएफ के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे।सिविल लाइन और ओमती पुलिस भी पहुंची।पुलिस ने दयाशंकर को हिरासत में लिया।उन्हें पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया।अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।

न्याय की गुहार के साथ कोर्ट पहुंचे दयाशंकर

दयाशंकर का कहना है कि उन्होंने कई जगह शिकायत की।उन्होंने पुलिस और सरकार को भी लिखा।उन्होंने राष्ट्रपति तक पत्र भेजा।उनका दावा है कि उन्हें कहीं न्याय नहीं मिला।इसी कारण वह हाईकोर्ट पहुंचे।उन्होंने कहा कि यह कदम मजबूरी में उठाया।

सम्बंधित लेख

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

सर्वाधिक पढ़े गए

हाल ही की प्रतिक्रियाएँ

Pradeep पर वक़्त