जबलपुर के राइट टाउन में हवा महल के सामने की बैक लेन अब “संस्कार गली” बन गई है। जो जगह पहले कचरे से भरी रहती थी, वहां अब दीवारों पर कला है और लोग कैरम खेलते दिखेंगे। नगर निगम के स्वच्छता अभियान ने इस गली को साफ, सुंदर और लोगों के लिए आकर्षक बना दिया है।

जबलपुर की संस्कार गली बनी नई पहचान। कचरे वाली बैक लेन अब कला, खेल और स्वच्छता का केंद्र बनी। नगर निगम के अभियान से बदली पूरी तस्वीर।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
• जबलपुर के राइट टाउन की एक बैक लेन पहले कचरे से भरी रहती थी।
• नगर निगम ने इसे साफ कर “संस्कार गली” नाम दिया
• दीवारों पर शहर की कला और इतिहास को चित्रों में दिखाया गया।
• गली में कैरम जैसे पारंपरिक खेल खेलने की जगह बनाई गई।
• महिला दिवस पर महिलाओं ने भी इस अभियान में भाग लिया।
क्या है जबलपुर की नई संस्कार गली
जबलपुर शहर में एक छोटी गली अब बड़ी पहचान बन रही है।राइट टाउन में हवा महल के सामने की बैक लेन बदली गई है।यह गली पहले कचरे और गंदगी से भरी रहती थी।लोग यहां से गुजरने से भी बचते थे।अब यही गली शहर की नई “संस्कार गली” बन गई है।यह बदलाव नगर निगम के स्वच्छता अभियान से आया है।अब यहां साफ सड़क और रंगीन दीवारें दिखती हैं।लोग यहां रुककर तस्वीरें भी ले रहे हैं।
कचरे की जगह अब कला और खेल
इस गली की पहचान अब पूरी तरह बदल गई है।दीवारों पर शहर की संस्कृति से जुड़े चित्र बनाए गए हैं।इन चित्रों में जबलपुर की पहचान दिखती है।रंगीन पेंटिंग गली को आकर्षक बना रही हैं।यहां अब लोग सुबह और शाम वॉक करते दिखेंगे।बच्चे और युवा यहां कैरम खेल सकेंगे।नगर निगम ने इसे छोटे खेल और आराम की जगह बनाया है।इससे लोगों को खुला और सुरक्षित स्थान मिलेगा।
जब शहर के नेताओं ने खुद उठाया ब्रश
इस काम की खास बात नेताओं की भागीदारी रही।शहर के महापौर ने खुद पेंट ब्रश उठाया।महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने दीवारों पर रंग किया।स्वास्थ्य प्रभारी रजनी कैलाश साहू भी साथ दिखीं।निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने भी टीम के साथ काम किया।उनकी मौजूदगी से कर्मचारियों का उत्साह बढ़ा।इस कदम ने लोगों को साफ संदेश दिया।शहर को सुंदर बनाना सबकी जिम्मेदारी है।
महिला दिवस पर महिलाओं की खास भागीदारी
इस अभियान का दिन भी खास रहा।यह काम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन हुआ।इस मौके पर कई महिलाओं ने हिस्सा लिया।उन्होंने सफाई और सजावट में सहयोग दिया।महिलाओं ने दीवारों पर रंग भरने में भी मदद की।इससे अभियान को नई ऊर्जा मिली।महापौर और अधिकारियों ने महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।उन्होंने सभी को महिला दिवस की बधाई भी दी।
क्यों खास है यह पहल
संस्कार गली सिर्फ एक साफ गली नहीं है।यह शहर की सोच में बदलाव का उदाहरण है।जहां कचरा था वहां अब संस्कृति दिखती है।जहां बदबू थी वहां अब लोग समय बिताते हैं।इस तरह के छोटे बदलाव शहर की छवि बदलते हैं।लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है।नगर निगम की यह पहल शहर के लिए प्रेरणा बन सकती है।अगर लोग साथ दें तो हर गली बदल सकती है।



