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HPV वैक्सीन पर अफवाहें बेबुनियाद, जबलपुर में भी जारी है निःशुल्क टीकाकरण अभियान

जबलपुर जिले में 564 बालिकाओं को लग चुका टीका, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर भी होंगे विशेष टीकाकरण सत्र

सोशल मीडिया पर अफवाहें, लेकिन वैज्ञानिक तथ्य अलग

स्कूलों में छात्राओं को लगाई जा रही एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। कुछ पोस्ट में इसे असुरक्षित बताया जा रहा है, जबकि कुछ में इसके परीक्षण को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों और सरकारी दस्तावेजों के अनुसार ये दावे तथ्यात्मक नहीं हैं। भारत में जिन HPV वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है, वे सभी आवश्यक क्लिनिकल ट्रायल और नियामकीय मंजूरी के बाद ही टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल की गई हैं। इनका उद्देश्य लड़कियों को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाना है।

भारत में कौन-सी HPV वैक्सीन दी जा रही हैं

भारत में फिलहाल दो प्रमुख HPV वैक्सीन उपलब्ध हैं। पहली है Gardasil-4, जो एक क्वाड्रिवेलेंट वैक्सीन है और HPV के चार प्रकारों से सुरक्षा देती है। इसमें HPV टाइप 16 और 18 शामिल हैं, जो सर्वाइकल कैंसर से जुड़े प्रमुख प्रकार माने जाते हैं। इसके अलावा यह टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देती है, जो जननांगों में होने वाले वार्ट्स के लिए जिम्मेदार होते हैं।दूसरी वैक्सीन CERVAVAC है, जिसे भारत में Serum Institute of India ने विकसित किया है। यह भी एक क्वाड्रिवेलेंट HPV वैक्सीन है और HPV टाइप 16 और 18 समेत कई प्रकारों के खिलाफ एंटीबॉडी प्रतिरक्षा विकसित करती है।

स्वदेशी वैक्सीन CERVAVAC के ट्रायल और मंजूरी

CERVAVAC को Serum Institute of India ने Department of Biotechnology और BIRAC के सहयोग से विकसित किया है। इसके लिए भारत में Phase-2 और Phase-3 क्लिनिकल ट्रायल पूरे किए गए। ट्रायल के दौरान वैक्सीन लगाने के बाद शरीर में HPV के खिलाफ एंटीबॉडी प्रतिक्रिया बेसलाइन की तुलना में लगभग 1000 गुना तक अधिक देखी गई। अलग-अलग आयु वर्ग और डोज़ शेड्यूल में भी इसकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया मजबूत पाई गई। इन आंकड़ों की समीक्षा NTAGI ने की और इसके बाद DCGI ने वैक्सीन को निर्माण और विपणन की मंजूरी दे दी। इस तरह CERVAVAC भारत की पहली स्वदेशी HPV वैक्सीन बन गई।

वैक्सीन की सुरक्षा पर क्या कहते हैं अध्ययन

वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव में काफी प्रभावी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Gardasil-4 की एक डोज़ HPV टाइप 16 और 18 से जुड़े सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ लगभग 93 से 100 प्रतिशत तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है।विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारतीय विशेषज्ञ समितियों की समीक्षा के बाद ही भारत में एक डोज़ रणनीति अपनाई गई है। इसके साथ ही वैक्सीन की दीर्घकालिक सुरक्षा और प्रभावकारिता को लेकर पोस्ट-मार्केटिंग अध्ययन भी जारी हैं।

जबलपुर में भी जारी है HPV टीकाकरण अभियान

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के उद्देश्य से जबलपुर जिले में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचपीवी टीकाकरण अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को जिले में 283 बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया गया। 28 फरवरी से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत अब तक कुल 564 बालिकाओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में लग रहा टीका

एचपीवी टीकाकरण जिले के कई शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में किया जा रहा है। इसमें जिला चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज, रानी दुर्गावती चिकित्सालय एलगिन, सिविल हॉस्पिटल रांझी, सिहोरा और पाटन सहित सभी विकासखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा शहरी और ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।इन स्वास्थ्य संस्थानों में अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रतिदिन टीकाकरण किया जा रहा है। यह विशेष अभियान अगले 80 दिनों तक संचालित किया जाएगा।

14 वर्ष की बालिकाओं को लगाया जा रहा टीका

अभियान के तहत 14 वर्ष पूर्ण कर चुकी और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन दी जा रही है।जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा के अनुसार HPV वायरस महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा कैंसर) का प्रमुख कारण है और इसकी रोकथाम के लिए यह टीका अत्यंत प्रभावी और सुरक्षित माना जाता है।

महिला दिवस पर भी होंगे विशेष टीकाकरण सत्र

सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार होने के बावजूद जिले की चिन्हित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेष एचपीवी टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और अपनी बेटियों का टीकाकरण कराकर उन्हें भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखें।

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