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टाइगर ‘त्रिशूल’ बना खूंखार शिकारी, T-40 के शावक को मारकर खाया; संजय-दुबरी के मंडोला क्षेत्र में मचा हड़कंप

पर्यटक के कैमरे में कैद हुआ दिल दहला देने वाला दृश्य, सुरक्षा कारणों से दो दिन के लिए सफारी बंद

मध्य प्रदेश के संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां मेल टाइगर ‘त्रिशूल’ ने बाघिन T-40 के एक शावक का शिकार कर लिया। घटना के बाद वन विभाग ने एहतियातन मंडोला क्षेत्र को दो दिनों के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया है।

झाड़ियों में बैठकर शिकार खाते दिखा टाइगर

मंडोला क्षेत्र में सफारी के दौरान पर्यटकों को एक हैरान कर देने वाला दृश्य देखने को मिला। घनी झाड़ियों के बीच एक मेल टाइगर अपने शिकार को खाते हुए नजर आया। शुरुआत में पर्यटकों को लगा कि यह कोई सामान्य शिकार है, लेकिन बाद में पता चला कि टाइगर जिस शिकार को खा रहा था वह बाघिन T-40 का शावक था। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद पर्यटक भी सन्न रह गए।

पर्यटक के कैमरे में कैद हुई दुर्लभ घटना

जबलपुर की अधिवक्ता नेत्त्रा नाथन उस समय मंडोला रेंज में सफारी कर रही थीं। उन्होंने बताया कि झाड़ियों के पास एक बाघ को शिकार खाते हुए देखकर उन्होंने तुरंत कैमरे से तस्वीरें ले लीं। बाद में वन विभाग से पुष्टि हुई कि टाइगर वास्तव में T-40 बाघिन के एक शावक को खा रहा था। वन्यजीव विशेषज्ञ इसे जंगल में होने वाली प्राकृतिक प्रतिस्पर्धा का दुर्लभ लेकिन क्रूर उदाहरण मान रहे हैं।

टाइगर ‘त्रिशूल’ ने किया T-40 के शावक का शिकार

टाइगर रिजर्व के प्रभारी डायरेक्टर राजेश राय के मुताबिक गुरुवार सुबह मेल टाइगर ‘त्रिशूल’ ने बाघिन T-40 के एक शावक को मार दिया। जानकारी के अनुसार T-40 ने हाल ही में तीन शावकों को जन्म दिया था। इनमें से एक शावक त्रिशूल का शिकार बन गया। जंगल में कई बार नर बाघ अपने क्षेत्र और प्रभुत्व को बनाए रखने के लिए शावकों को मार देते हैं, जिसे वन्यजीव व्यवहार का हिस्सा माना जाता है।

सुरक्षा के चलते मंडोला क्षेत्र में प्रवेश बंद

घटना के बाद वन विभाग ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए हैं। संजय-दुबरी टाइगर रिजर्व के मंडोला क्षेत्र में पर्यटकों की आवाजाही और सफारी को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार अगले दो दिनों तक इस क्षेत्र में किसी भी पर्यटक को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस दौरान टाइगर ‘त्रिशूल’, बाघिन T-40 और उसके बाकी शावकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।

Chakreshhar Singh Surya
Chakreshhar Singh Suryahttps://www.prathmikmedia.com
चक्रेशहार सिंह सूर्या…! इतना लम्बा नाम!! अक्सर लोगों से ये प्रतिक्रया मिलती है। हालाँकि इन्टरनेट में ढूँढने पर भी ऐसे नाम का और कोई कॉम्बिनेशन नहीं मिलता। आर्ट्स से स्नातक करने के बाद पत्रकारिता से शुरुआत की उसके बाद 93.5 रेड एफ़एम में रेडियो जॉकी, 94.3 माय एफएम में कॉपीराइटर, टीवी और फिल्म्स में असिस्टेंट डायरेक्टर और डायलॉग राइटर के तौर पर काम किया। अब अलग-अलग माध्यमों के लिए फीचर फ़िल्म्स, ऑडियो-विज़ुअल एड, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म्स डायरेक्शन, स्टोरी, स्क्रिप्ट् राइटिंग, वॉईस ओवर का काम करते हैं। इन्हें लीक से हटकर काम और खबरें करना पसंद हैं। वर्तमान में प्राथमिक मीडिया साप्ताहिक हिन्दी समाचार पत्र और न्यूज़ पोर्टल के संपादक हैं। इनकी फोटो बेशक पुरानी है लेकिन आज भी इतने ही खुशमिज़ाज।
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