होमआस्थासदर काली मंदिर में दो दिवसीय होली उत्सव की तैयारी

सदर काली मंदिर में दो दिवसीय होली उत्सव की तैयारी

जबलपुर के सदर काली मंदिर में दो दिन का होली उत्सव होगा। पहले दिन बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। तड़के तीन बजे लकड़िया दहन होगी। यहां फूलों और गुलाल से होली खेली जाएगी। दहन के बाद प्रसाद वितरण होगा।

सदर काली मंदिर होली उत्सव कब और कैसे होगा

जबलपुर के सदर क्षेत्र स्थित प्राचीन काली मंदिर में तैयारियां तेज हैं।हर साल की तरह इस बार भी होली उत्साह से मनाई जाएगी।आयोजन दो दिन तक चलेगा और बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे।काली माई मंदिर होलिका उत्सव समिति इस पूरे कार्यक्रम का संचालन कर रही है।समिति संरक्षक उमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।अनुश्री वेलफेयर सोसाइटी के सहयोग से प्रस्तुतियां दी जाएंगी।इसके बाद भव्य ऑर्केस्ट्रा आयोजित किया जाएगा।यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है।

होलिका दहन का समय और खास परंपरा

समिति अध्यक्ष दीपक रजक ने बताया कि यह आयोजन शहर के बड़े आयोजनों में गिना जाता है।यहां मथुरा और वृंदावन की तर्ज पर फूलों और गुलाल से होली खेली जाती है।मंदिर परिसर में भक्त एक दूसरे को रंग लगाते हैं।होलिका दहन तड़के सुबह तीन बजे किया जाएगा।यहां केवल लकड़ियों का दहन होता है और किसी प्रतिमा का दहन नहीं किया जाता।दहन के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।समिति ने लोगों से परंपरा और सही समय का ध्यान रखने की अपील की है।

बसंत पंचमी से शुरू होती है तैयारी

समिति सचिव आकाश नायडू ने बताया कि तैयारी बसंत पंचमी से शुरू होती है।उस दिन लकड़ी का ढांचा स्थापित किया जाता है जिसे अंडुआ कहा जाता है।बाद में इसे लकड़ियों से ढक दिया जाता है।तय मुहूर्त पर इसी ढांचे का दहन किया जाता है।यह परंपरा मंदिर स्थापना के समय से चली आ रही है।समिति आज भी इसे उसी उत्साह से आगे बढ़ा रही है।मंदिर परिसर को सजाया जाएगा और सुरक्षा के इंतजाम भी किए जा रहे हैं।समिति ने सभी शहरवासियों को उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।

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