12.2 C
Delhi
सोमवार, जनवरी 5, 2026
होममध्य प्रदेशजबलपुरछायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे लगाएं और फेंसिंग काटने वालों के खिलाफ...

छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे लगाएं और फेंसिंग काटने वालों के खिलाफ करें एफ.आई.आर. – कलेक्टर

23 जून, जबलपुर। मदन महल बदनपुर पहाड़ी क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के 20 हजार से अधिक पौधों का रोपण कर पूरे क्षेत्र को ईको जोन में विकसित किया जायेगा। पौधों के संरक्षण के लिए फिलहाल सामान्य आवागमन इस क्षेत्र में प्रतिबंधित रहेगा। अतिक्रमण मुक्त बदनपुर पहाड़ी को विकसित करने हेतु स्मार्ट सिटी द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही है। पौधों के रोपण के लिए गड्ढे, सुरक्षित परिसर के लिए फेंसिंग, मिट्टी आदि की व्यवस्थाएँ भी तेज गति से कराई जा रही हैं। उक्त कार्यों का निरीक्षण कलेक्टर डॉं. इलैयाराजा टी, निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ और स्मार्ट सिटी के सी.ई.ओ. निधि सिंह राजपूत ने किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बताया कि पूरे बदनपुर पहाड़ी क्षेत्र को ईको जोन में विकसित करेंगे। इस कार्य में किसी भी तरह के व्यवधान पैदा करने, सुरक्षित परिसर या फेंसिंग को नुकसान पहुंचाने पर एफ.आई.आर. की जाएगी। यहाँ 1 जुलाई पौधारोपण शुरू किया जाएगा जिसमें 20 हजार से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए उन्होंने स्मार्ट सिटी की सी.ई.ओ. और उनकी पूरी टीम को अलग से निर्देश दिये। निरीक्षण के मौके पर उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि यहां पर विभिन्न प्रजातियों के गुणवत्तापूर्ण, छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधे भी लगाएं ताकि उसका लाभ पर्यटकों के साथ-साथ वन्य जीव प्राणियों को भी मिल सके। निरीक्षण के मौके पर प्रशासनिक अधिकारी रवि राव, सहायक यंत्री कविस मिश्रा, के.एल.काँवरे आदि उपस्थित रहे।

Neel Tiwari
Neel Tiwarihttps://www.prathmikmedia.com/
Neel Kamal Tiwari was a Techie by Profession, Worked with Wipro, HCL, IBM and Google for around 16 year meanwhile got opportunity to follow the passion to work with media industry as media relations manager with HCL Noida, Studied mass communication in IBM international academy while working, afterwards following the passion to keep democracy alive with help of journalism and keen to dig deep and reveal the truth.
सम्बंधित लेख

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

सर्वाधिक पढ़े गए

हाल ही की प्रतिक्रियाएँ

Pradeep पर वक़्त