कांग्रेस ने मंत्री के बयान को मीडिया का अपमान बताते हुए, घंटा बजाकर विरोध जताया। मुख्यमंत्री मोहन यादव से तत्काल मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
@फैज़ वारसी (जबलपुर) मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आपत्तिजनक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। जबलपुर में कांग्रेस ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर घंटा बजाते हुए विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस ने मंत्री के बयान को मीडिया का अपमान बताते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

कलेक्टर कार्यालय में कांग्रेस का प्रतीकात्मक प्रदर्शन
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान के विरोध में कांग्रेस ने जबलपुर के कलेक्टर कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और घंटा बजाकर मंत्री के बयान पर आपत्ति जताई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह विरोध उसी शब्द के प्रतीकात्मक जवाब के तौर पर है, जिसका प्रयोग मंत्री ने पत्रकार के सवाल पर किया था।
“जिस घंटे की बात कर रहे मंत्री, वही हम बजाकर पूछ रहे सवाल” – सौरभ नाटी शर्मा
कांग्रेस के जबलपुर नगर अध्यक्ष सौरभ नाटी शर्मा ने तीखे शब्दों में कहा कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पत्रकार के सवाल पर जिस “घंटा” शब्द का इस्तेमाल किया, उसी घंटे को बजाकर कांग्रेस सवाल पूछ रही है। उन्होंने कहा कि उनकी समझ में तो यही घंटा है, लेकिन मंत्री किस घंटे की बात कर रहे थे, यह वही जानें। सौरभ शर्मा ने मंत्री के बिगड़े बोलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और मीडिया की गरिमा के खिलाफ बताया।
फ्रस्ट्रेशन में हैं मंत्री – कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उम्र और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के दबाव में फ्रस्ट्रेशन का शिकार हो चुके हैं। कांग्रेस का कहना है कि वह रिटायरमेंट से पहले मुख्यमंत्री बनना चाहते थे, लेकिन यह सपना पूरा न होने के कारण वह महिलाओं, बच्चियों और मीडिया कर्मियों से बदसलूकी जैसी हरकतें कर रहे हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि ऐसे मंत्री से तत्काल इस्तीफा लिया जाए, ताकि सरकार की छवि और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
क्या है पूरा मामला: इंदौर में दूषित पानी से मौतें
पूरा विवाद इंदौर के भागीरथपुरा इलाके से जुड़ा है, जहां दूषित पेयजल के कारण डायरिया का गंभीर प्रकोप फैल गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस घटना में 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 212 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें से करीब 50 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। यह इलाका मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इंदौर-1 विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
मीडिया के सवाल पर आपा खो बैठे मंत्री
घटना को लेकर बुधवार रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मीडिया से बातचीत कर रहे थे। शुरुआत में उन्होंने शांतिपूर्वक सवालों के जवाब दिए, लेकिन जब निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के बिलों के रिफंड और पीने के पानी की वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर सवाल पूछा गया, तो वह अचानक नाराज हो गए। इसी दौरान उन्होंने पत्रकार से कहा कि “फालतू सवाल मत पूछो” और बहस के बीच एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल कर दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
विवाद बढ़ने पर जताया खेद, लेकिन कांग्रेस संतुष्ट नहीं
वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए हालात सुधारने में लगी है। हालांकि, कांग्रेस ने इसे पर्याप्त नहीं मानते हुए कहा कि केवल खेद जताना काफी नहीं है। पार्टी का कहना है कि मीडिया के प्रति इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है और इसके लिए नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
सियासत तेज, आगे और बढ़ सकता है मामला
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस इस्तीफे की मांग पर अड़ी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा इसे परिस्थितियों का दबाव बता रही है। साफ है कि दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अब प्रशासनिक संकट से निकलकर बड़े राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है।



