शुक्रवार को नगर निगम जबलपुर के सदन में 1800 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बजट पेश किया गया। जिसमें बताया गया कि आगामी कार्यकाल में शहर में 3000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजना है, जबकि अब तक लगभग 1200 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न परियोजनाओं में खर्च की जा चुकी है। महापौर जगत बहादुर अन्नू ने बताया कि इस वर्ष का बजट नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने, शहर के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने, क्रिकेट प्रेमियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, पर्यावरण प्रेमियों के साथ-साथ शहर के नागरिकों को राहत प्रदान करने वाला विकासोन्मुखी बजट तैयार किया गया है। इससे शहर में रहने वाले सभी वर्गो के लोगों को लाभ मिलेगा। अन्नू ने कहा कि यह बजट आम जनता को राहत देने वाला बजट साबित होगा क्योंकि किसी भी प्रकार की कोई टैक्स वृद्धि नहीं की गयी है और नागरिकों के हितों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास पर आधारित एवं ऐतिहासिक रूप से नागरिकों के लिए सर्वजन हितैषी बजट पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक बजट से शहर के समस्त नागरिकों को लाभ मिलेगा।
अब तक हुए प्रमुख विकास कार्य
- 427 करोड़ रुपये से सड़क, नाली एवं पुलिया निर्माण
- 65.30 करोड़ रुपये की लागत से 120 उद्यानों का निर्माण
- 8.16 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत व्यवस्था सुदृढ़
- 75 करोड़ रुपये की लागत से जल वितरण व्यवस्था में सुधार
- 150 करोड़ रुपये की लागत से सफाई और अन्य विकास कार्य
आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम
नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। बजट में टैक्स बढ़ाए बिना जनता को राहत देने की बात कही गई है। साथ ही, रोजगार सृजन की दिशा में भी विशेष ध्यान दिया गया है।
प्रमुख परियोजनाएं और योजनाएं
- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: निर्माण कार्य में इस वर्ष तेजी लाई जाएगी।
- शिक्षा एवं खेल सुविधाएं: 50 स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण, अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल, 10 श्मशान घाट और 10 तालाबों का जीर्णोद्धार।
- गौशाला निर्माण: 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक गौशाला का निर्माण कार्य शुरू।
- रोजगार सृजन: 500 दुग्ध डेयरी और डेली नीड्स की दुकानों की स्थापना से 1000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- जल प्रबंधन: 400 करोड़ रुपये की लागत से जल संकट और जलप्लावन से राहत के लिए नई योजनाएं।
- स्वच्छ ऊर्जा: 200 करोड़ रुपये की लागत से बायोगैस प्लांट की स्थापना।
- परिवहन सुविधा: 100 इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसों का संचालन शीघ्र शुरू होगा।
- पर्यावरण संरक्षण: प्लांटेशन, बीजारोपण और वॉटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर।
- नगर सौंदर्यीकरण: आदि शंकराचार्य चौक से गौरीघाट तक रेलवे भूमि पर सड़क निर्माण।
- महिला सशक्तिकरण: 30 करोड़ रुपये की लागत से वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण।
- स्लाटर हाउस स्थानांतरण: इसे शहर से बाहर ले जाया जाएगा और श्वानों का लेप्रोस्कोपिक बधियाकरण किया जाएगा।
- धार्मिक पर्यटन: रामायण थीम पर आधारित पार्क का निर्माण प्रस्तावित।
- खेल एवं मनोरंजन: रानीताल तालाब के समीप खेल मैदान, ऑक्सीजन जोन, नगर वन, बड़ा उद्यान और वाटर स्पोर्ट्स का विकास।
- नगर निगम मार्केट्स का सौंदर्यीकरण: सभी दुकानों के नाम हिंदी में लिखे जाएंगे और तीन नए मार्केट बनाए जाएंगे।
- मेट्रो बस में रियायती पास: छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रियायत।
- सौर ऊर्जा: बिजली बचत के लिए इस वर्ष सोलर प्लांट लगाया जाएगा।










