39 दिनों से फरार चल रहे महिला कॉन्स्टेबल के रेप के आरोपी संदीप अयाची को कुछ दिनों पहले पाटन बायपास से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। जिसके बाद आज आरोपी की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत की अर्ज़ी दी गई। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। हालाँकि गिरफ्तारी से पहले भी आरोपी संदीप अयाची ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी जो माननीय न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी। आज ज़मानत की अर्ज़ी कोर्ट में देते हुए आरोपी की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ दत्त ने कहा कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है, आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल पढ़ी-लिखी और व्यस्क है और उसे इस तथ्य की जानकारी थी कि आरोपी शादीशुदा व्यक्ति है। इसलिए जो संबंध स्थापित किए गए दोनों की सहमति से किए गए। इस संबंध में ऐसे कोई चिकित्सीय साक्ष्य नहीं है जिसमें बलात्कार के प्रमाण मिलते हों। आरोपी दमोह का स्थाई निवासी है इसलिए उसके फरार होने की संभावना नहीं है। आरोपी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए पीड़िता के अधिवक्ता आलोक तिवारी ने दलील देते हुए कहा कि आरोपी पीड़िता का वरिष्ठ अधिकारी था इसलिए उसके द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारी पर दबाव डालकर और प्रलोभन देकर कृत्य किया गया जिसमें पीड़िता की सहमति नहीं थी। आरोपी घटना के बाद से फरार भी रहा है, यहां तक कि वह सरेंडर के लिए आवेदन देने के बाद भी उस तारीख में हाज़िर नहीं हुआ। इसलिए बाद में उसे पाटन बाईपास पर घेराबंदी करके गिरफ़्तार किया गया। पीड़िता के अधिवक्ता ने आगे कहा कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता या उसके परिवार के साथ कोई घटना घटित कर सकता है। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद यह कहा कि यह मामला पुलिस अधिकारी होते हुए अपने अधीन पुलिस कर्मचारी को शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने से संबंधित है। जो कि एक बेहद गंभीर मामला है। यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता और गवाहों को प्रलोभन देने का प्रयास कर सकता है इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी द्वारा दी गई जमानत अर्जी खारिज की जाती है। सत्र न्यायालय की ओर से माननीय न्यायाधीश कुमारी उर्मिला यादव ने दोनों पक्षों को सुना। शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अनिल तिवारी उपस्थित रहे।
पकड़े गए वांटेड सटोरिये सनपाल के दो और गुर्गे
10 दिन के लिए जबलपुर से भाग जाने अन्य सटोरियों को किया मैसज
गोरखपुर पुलिस ने अरविंद उर्फ बिट्टू चावला को उसके घर के सामने इंदिरा स्कूल रोड से और समीर पोपटानी गोरखपुर गुरूद्वारे के पीछे वाली रोड में अपने घर के नीचे से गिरफ्तार किया जहां पर वह खड़ा होकर बिट्टू आई फ़ोन पर तो समीर लेपटॉप पर एक्सेल शीट पर क्रिकेट के ऑनलाइन सट्टे का हिसाब किताब कर रहा था, ये गैंग मैंबर ऑन लाईन आई.डी. प्रोवाईड कर क्रिकेट का ऑन लाईन सट्टा खिलाते थे, दोनो सटोरियों के पास से 1 लैपटाप, 1 आईफोन, 1 मोबाईल एवं नगद 18 हजार 550 रूपये जप्त किये गए, दोनो से पूछताछ में पता चला कि यह दोनों गुरूमुख अहूजा, कमल खत्री, दया सिंधी और कमल मलानी के कमीशन पर काम करते हैं, यह सभी फरार सटोरिये सतीश सनपाल के गैंग के मेंबर है जिसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी है ।
पकड़े गए सटोरियों के मोबाइल जांचने पर सटोरियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप मिला उसमे एक मैसेज भी मिला जिसमें लिखा था 10 दिनों के लिए सभी बाहर भाग जाओ, यह मैसेज उसने अपने साथी सटोरियों को किया था ।
आरोपी अरविंद चावला,समीर पोपटानी, गुरूमुख अहूजा, दया सिंधी, कमल खत्री ,कमल मलानी के विरूद्ध धारा 4 क सट्टा एक्ट एवं 109 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस बाकी चारों फरार सटोरियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है
ग़ौरतलब है कि गुरूमुख अहूजा का रामपुर चौक के पास पंजाब नेशनल बैंक के बाजू में एस.जी. स्क्वेयर अपार्टमेंट में यूनिफाईड वैब ऑप्शन के नाम से आफिस है जिसे सील किया गया है। फरार गुरूमुख अहूजा, दया सिंधी, कमल खत्री ,कमल मलानी के पकड़े जाने पर पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा।
क्रिकेट के सट्टे से जुडे सटोरियों को पकड़ने एवं नेटवर्क का खुलासा करने में गोरखपुर थाना पुलिस बल के सहायक उप निरीक्षक संतोष पाण्डे, प्रधान आरक्षक दीपक मिश्रा, आरक्षक मोहित राजपूत, रत्नेश राय, दिनेश गुर्जर, निर्मल सनोडिया, महिला आरक्षक कंचन राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।
अवकाश के दिन मरीज़ों ने लिया दक्ष के निःशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ
जबलपुर से पहुँचे चिकित्सकों ने दिया शहडोल में परामर्श और इलाज
दक्ष फिजियोथिरेपी सेन्टर द्वारा 11 सितम्बर को निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। जिसमें डॉ नचिकेत पांसे हड्डी रोग विशेषज्ञ और डॉ पारिजात पांसे छाती रोग विशेषज्ञ, अनंत हॉस्पिटल जबलपुर ने अपनी सेवाएं दी, जहाँ उन्होंने सांस और हड्डी के रोगों के मरीज़ों को परामर्श और इलाज दिया। शिविर का आयोजन दक्ष फिजियोथिरेपी एवं रिहेबिलिटेशन सेंटर शहडोल में किया गया। जिसमें प्राथमिक मीडिया समाचार पत्र एवं न्यूज़ पोर्टल ने मीडिया पार्टनर बनकर लोगों में अख़बार के माध्यम से चिकित्सा पद्धति की जानकारी प्रसारित कर सहयोग किया। शहडोल और आसपास के क्षेत्रों के सैंकड़ों मरीजों ने निशुल्क परामर्श शिविर का लाभ लिया। शिविर में फिजियोथेरेपी की सलाह डॉ रोशन शर्मा(PT) ने दी। शिविर में ऐसे मरीज़ जिनकी कमर में दर्द, जोड़ो में दर्द और ऐड़ी दर्द के साथ-साथ लम्बे समय से दर्द से पीड़ितों की तकलीफ का इलाज किया गया।

शिविर के दौरान डॉ नचिकेत पांसे ने हड्डियों से जुड़ी समस्या के बारे में मरीजों को अवगत कराया और नई तकनीकों के बारे में जानकारी दी। डॉ पांसे ने बताया कि जोड़ प्रत्यारोपण के बाद मरीजों को न केवल दर्द से निजात मिलती है बल्कि और भी कई दर्द जैसे कमर या कूल्हे के दर्द से बचा जा सकता है। उन्होंने शिविर में कमर में नसों के दबाव के कारण पैदा हो रहे दर्द के बारे में विस्तृत परीक्षण के बाद इलाज करने की और सावधानियां बरतने की बातों को प्रमुखता से बताया।

डॉ पारिजात पांसे ने श्वास, छाती रोग और नींद की कमी से पीड़ित मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को फेफड़ों को स्वस्थ रखने के तरीके बताए और दमा रोगियों का इलाज किया। डॉ पारिजात ने कोविड के बाद हो रही मरीजों की समस्या को समझा और उनको. उचित परामर्श के साथ उचित इलाज दिया। उन्होंने ने स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम करने की सलाह दी। साथ ही बच्चों को हो रही छाती एवं फेफड़ों की तकलीफ के प्रति सजग वा सतर्क रहने की सलाह दी।

डॉ रोशन शर्मा(PT) ने गर्दन और जोड़ों के दर्द के मरीज़ों का उपचार किया। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे जोड़ों में होने वाले दर्द की शुरुआत गंभीर वात रोगों के लक्षण हो सकती है। इसलिए प्रारम्भ में ही सतर्कता बरतें। दवाई लेने की स्थिति पहुँचने से पहले व्यायाम और फिजियोथेरेपी के सहयोग से दर्द का निवारण करने की कोशिश करें। यदि शुरुआत में ही उचित इलाज और परामर्श मिल जाए तो रोगों को गंभीर स्थिति में पहुँचने से रोका जा सकता है।
डॉ ऋषि शर्मा (PT) ने मरीज़ों की चेस्ट फिजिओथेरेपी की और साथ ही उन्हें फेफड़ों की फिजियोथेरेपी के बारे में जानकारी दी। विदित हो कि दक्ष फिजियोथेरेपी एवं रिहेबिलिटेशन सेंटर द्वारा समय-समय पर शहडोल में इस तरह के निःशुल्क शिविर लगाकर मरीज़ों को उचित परामर्श और इलाज दिया जाता है। जिसमें उन्हें अनंत हॉस्पिटल जबलपुर के चिकित्सकों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है। इन शिविरों का लाभ सैंकड़ों मरीज़ों द्वारा लिया जाता है।

शिविर के समापन पर शिविर के संचालक सी एम शर्मा ने जबलपुर से आए चिकित्सकों को शहडोल आकर अपनी सेवायें देने के लिए और समाचार के माध्यम से लोगों में फिजियोथेरेपी की जागरूकता फैलाने के लिए “प्राथमिक मीडिया” को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करने का संकल्प दोहराया और शिविर में आए मरीजों के स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
आरबीआई ने जारी की 34 अवैध फोरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की अलर्ट लिस्ट, कहीं आपका भी तो नहीं है इनमें अकाउंट?
मोबाईल में विडिओ देखते समय या इंटरनेट इस्तेमाल करते समय-समय आपने ट्रेडिंग के कई विज्ञापन देखे होंगे। इन विज्ञापनों में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लेन-देन करके पैसा कमाने का लालच दिया जाता है। कुछ-कुछ विज्ञापन तो जल्दी अमीर बनाने का दावा भी कर देता हैं। अगर आप इन विज्ञापनों के जाल में फंस चुके हैं या ट्रेडिंग में जाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। क्यूंकि भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने 34 फोरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट जारी करते हुए उन्हें इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। आरबीआई ने अपनी वेबसाइट पर उन संस्थाओं की “अलर्ट लिस्ट” डाली गई है जो न तो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के तहत विदेशी मुद्रा में सौदा करने के लिए अधिकृत हैं और न ही विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित करने के लिए अधिकृत हैं। हालांकि आरबीआई के मुताबिक ये सूची अभी पूरी नहीं है लेकिन वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर जारी की गयीं हैं। आरबीआई ने चेतावनी दी है कि अलर्ट सूची में दिखाई देने वाली इकाई को आरबीआई द्वारा अधिकृत नहीं माना जाना चाहिए।
आरबीआई ने केवल आरबीआई या मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड, बीएसई लिमिटेड और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा अधिकृत ईटीपी पर ही लेन-देन की सलाह दी है।
जनता को आगाह करते हुए आरबीआई ने अपने द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा है कि अनधिकृत ईटीपी पर विदेशी मुद्रा या इस तरह के अनधिकृत लेनदेन के लिए धन जमा न करें। फेमा के तहत अनुमत उद्देश्यों के अलावा या आरबीआई द्वारा अधिकृत नहीं किए गए ईटीपी पर विदेशी मुद्रा लेनदेन करने वाले व्यक्ति फेमा के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए खुद को ज़िम्मेदार होंगे।
कितनी सज़ा और जुर्माना – कानून के जानकार बताते हैं कि विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना और कारावास् का भी प्रावधान है। आरबीआई समय-समय पर उनके द्वारा विदेशी मुद्रा लेन-देन के लिए अधिकृत संस्थाओं की सूची समय-समय पर जारी करता रहता है जो आरबीआई की वेबसाईट पर उपलब्ध रहती हैं।
आरबीआई द्वारा जारी की गई अलर्ट लिस्ट यहाँ दी जा रही है, अगर आप इनमें से किसी भी ईटीपी के जरिए लेन-देन कर रहे हैं तो विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत आप पर भी कार्यवाही की जा सकती है।
आरबीआई द्वारा जारी की गई अलर्ट लिस्ट यहाँ दी जा रही है, अगर आप इनमें से किसी भी ईटीपी के जरिए लेन-देन कर रहे हैं तो विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत आप पर भी कार्यवाही की जा सकती है।

द्वारका पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज जी का हुआ बैकुंठ धाम गमन
द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का रविवार को निधन हो गया है. ज्योतिष और द्वारका-शारदा पीठ के शंकाराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में 99 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर वे जेल भी गए और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए लंबी कानूनी लड़ाई भी लड़ी, द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का रविवार को निधन हो गया है. ज्योतिष और द्वारका-शारदा पीठ के शंकाराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में 99 साल की उम्र में अंतिम सांस ली. वे पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे.
उन्होंने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आखिरी सांस ली. स्वरूपानंद सरस्वती को हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता रहा है.
11 को मिलेगा शहडोल के मरीजों को निशुल्क चिकित्सा शिविर का लाभ
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेष
जबलपुर के डॉ. पारिजात और डॉ. नचिकेत पांसे शिविर में देखेंगे मरीज़ों को
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस हर साल 8 सितंबर को मनाया जाता है। फिजियोथेरेपी लोगों को शारीरिक तौर पर अच्छी तरह से रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 8 सितम्बर को इसे विशेष तौर पर इसलिए मनाया जाता है ताकि फिजियोथेरेपी के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता पैदा की जा सके। इस दिन चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दुनिया भर के फिजियोथेरेपिस्ट को धन्यवाद किया जाता है।
वर्ल्ड फिजियोथेरेपी डे के उपलक्ष्य में हमने शहडोल के जाने माने फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रोशन शर्मा से बात की जो दक्ष फिजियोथैरेपी एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर के संचालक हैं और अब तक संकड़ों मरीज़ों को उनकी अस्थाई शारीरिक अक्षमताओं से छुटकारा दिला चुके हैं।
डॉ शर्मा ने बताया कि साल 1996 में 8 सितम्बर को वर्ल्ड कॉन्फेडरेशन ऑफ फिजिकल थेरेपी रूप में नामित किया गया। तब से इसे को वर्ल्ड फिजिकल थेरेपी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इसको मान्यता 1951 में WCPT द्वारा दी गई। यह दिन वैश्विक भौतिक चिकित्सा समुदाय की एकता और एकजुटता को दर्शाता है। यह दिन फिजियोथेरेपिस्ट के काम को पहचानने और उन्हें सहराने के लिए मनाया जाता है। इस दिन इनके पेशे को बढ़ावा देने और उनकी विशेषज्ञता को आगे बढ़ाने पर ज़ोर दिया गया है।

मरीज़ों से निःशुल्क शिविर का लाभ लेने की अपील – डॉ शर्मा ने यह भी जानकारी दी कि 11 सितंबर को सर्किट हाउस के सामने, रीवा रोड के सामने स्थित उनके दक्ष फिजियोथैरेपी एन्ड रिहैबिलिटेशन सेंटर द्वारा शहडोल में निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया इस शिविर में मरीज जबलपुर के प्रसिद्ध डॉक्टर नचिकेत पांसे, डॉ परिजात पांसे और डॉ ऋषि मुनि शर्मा के साथ वे स्वयं अपनी सेवाएं देंगें। इसलिए अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की है।
विशेषज्ञों द्वारा मिलेगा परामर्श और इलाज – शिविर में सांस, निद्रा, हड्डी रोग एवं कोविड के बाद हो रही परेशानियों के सम्बन्ध में द्वारा मरीजों को विशेषज्ञों द्वारा निशुल्क परामर्श दिया जायेगा।
दक्ष फीजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर के डॉ रोशन शर्मा ने बताया कि ऐसे मरीज जो दर्द, झुनझुनी, हड्डियों या जोड़ो में किसी भी प्रकार की तकतीफ, नसों की तकलीफ,नसों का दबना, रीढ़ की हड्डियों में समस्या और फेफड़ो की समस्या, दमा, टी.बी, नींद की समस्या , कोविड के बाद तकलीफ एवं लकवा, सर्वाइकल, आदि से पीड़त है उन्हें निशुल्क चिकित्सा परामर्श दिया जाएगा।
मरीज़ों को असुविधा न हो इसलिए उन्हें मोबाइल पर पहले ही रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा दी जा रही है। मरीज़ रजिस्ट्रेशन के लिए मोबाइल नंबर 9340740249 एवं 9713972655 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
पिता के साथ मिलकर दोनों बेटे ट्रकों से चुराते थे डीजल, इनोवा कार से चलती थी लुटेरी तिकड़ी
सिद्ध बाबा निवासी आशिक उर्फ रितिक वंशकार और अंशु अपने पिता शाहरुख वंशकार के साथ मिलकर खड़े ट्रकों को बनाते थे निशाना
दरअसल हाईवे में खड़े हुए ट्रकों डीजल चोरी की दो घटनाएं विगत दिनों पंजीबद्ध हुई जिसमें एक ट्रक में 200 लीटर डीजल चोरी की घटना हुई वहीं दूसरे ट्रक में 300 लीटर डीजल चुराया गया दोनों घटनाओं की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए ट्रक ड्राइवरों ने बताया की एक इनोवा कार उनके ट्रक के पास खड़ी थी एवं तीन व्यक्तियों के द्वारा केन में डीजल चुराया जा रहा था, जिसके बाद पुलिस ने तफ्तीश करते हुए दो अपराधियों को धर दबोचा एवं एक अपराधी अभी फरार हैं
थाना बरगी में 25-8-22 की दोपहर लगभग 1 बजे आनंदी लाल अहिरवार उम्र 33 वर्ष निवासी गोरखपुर थाना भगुवा जिला छतरपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह परमीत आनंद जबलपुर का ट्राला चलाता है 20-8-22 की उसके द्वारा सेठ के ट्राला क्रमांक एम एच 25 यू 1097 में लोहे एंव गिट्टी केा माईंस गोसलपुर से नागपुर वर्धा ले जाने के लिये भरा गया एवं उसके द्वारा डीजल टेंक फुल किया गया था दिनाँक 20-8-22 को रात लभग 8 बजे वर्धा नागपुर ट्राला के लिये ट्राला से निकला था रात लगभग 11 बजे उसका ट्राला चूल्हा गोलाई के आगे मण्डला नागपुर तिराहा पर फस गया और ट्राला दिनांक 22-8-22 तक फसा रहा वह अपने ट्राला के पास ही रहा दिनांक 22-8-22 को रात लगभग 1-30 बजे वह ट्राला में मोबाइल चला रहा था तभी आवाज आने पर देखा कि उसके ट्राले के आगे एक इनोवा गाड़ी क्रमांक एमपी 20 सीए 4077 खडी थी एवं 2 व्यक्ति उसके ट्राला में से डीजल पाईप से कुप्पे में निकाल रहे थे एवं एक व्यक्ति आसपास जाने वाले लोगों पर नजर रखे हुये था जेैसे ही उसने कहा कि मेरी गाड़ी से डीजल क्यों निकाल रहे हो तो तीनों उसके ट्राले के आगे खड़ी इनोवा कार में डीजल भरे कुप्पे रखे और भाग गये उसके ट्राला से लगभग 200 लीटल डीजल कीमती लगभग 20 हजार रूपये का चोरी हो गया है।
इसी प्रकार थाना बरगी में 25 अगस्त 2022 की दोपहर लगभग 1-15 बजे कमलेश राय उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम परासिया जिला छिंदवाड़ा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह महफुज खान निवासी परासिया छिंदवाड़ा का ट्राला चलाता है दिनाँक 24-8-22 को उसके द्वारा सेठ के ट्राला क्रमांक यूपी 70 केटी 4375 में कोयला परासिया से मैहर एमपी बिरला सिमेंट के लिये भरकर जा रहा था, दिनाँक 24-8-22 को रात लगभग 9 बजे परासिया से निकला एंव रात लगभग 3 बजे वह प्रभू ढाबा रमनपुर के पास पहुँचा और ढाबे पर गाड़ी लगाकर चौकीदार को बताकर गाड़ी में सो गया था रात लगभग 3-30 बजे उसकी गाड़ी से आवाज आने पर देखा की उसके ट्राला के पास एक इनोवा गाड़ी क्रमांक एमपी 20 सीए 4077 खडी थी एवं 2 व्यक्ति उसके ट्राला से डीजल पाईप के द्वारा कुप्पे में निकाल रहे थे, कमलेश राय के ट्रक से कुल 300 लीटर डीजल चोरी हो गया , इस घटना में भी इनोवा कार में उसी प्रकार तीन लोगों ने घटना को अंजाम दिया था । पुलिस दोनो मामलों में धारा 379, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया।
जांच के दौरान इनोवा क्रमांक एमपी 20 सीए 4077 तिन्सी ब्रिज एन.एच. 34 पर देखे जाने की सूचना पर दबिश दी गयी जहां एक इनोवा गाड़ी तिन्सी ब्रिज के पास खड़े ट्रक के आसपास चक्कर काट रही थी, पुलिस को देखकर इनोवा का चालक तेजी से वाहन चलाकर भागने लगा जिसका पीछा किया, लगभग 1 कि.मी. दूरी पर इनोवा गाड़ी रूकी और उसमे से दो व्यक्ति उतरकर जंगल की और भागे, इनोवा के चालक को घेराबंदी कर पकड़ा गया एवं जंगल की और भगे दो व्यक्ति का पीछा किया गया जो जंगल का लाभ उठाकर भागने मे सफल हो गये। इनोवा चालक से नाम पता पूछने पर अपना नाम आशीक उर्फ रितीक वंशकार उम्र 22 वर्ष निवासी सिध्दबाबा कस्तुरबा नगर थाना घमापुर बताया भागने वालों के सम्बंध में पूछताछ करने पर इनोवा से उतर कर भागने वाले को पिता शाहरूख उर्फ महेश वंशकार उम्र 41 वर्ष एवं भाई अंशु वंशकार उम्र 19 का होना बताया । इनोवा वाहन को चैक किया जिसमे 01 केन 50 लीटर की जिसमे लगभग 10 लीटर डीजल एवं 01 प्लास्टिक का पाईप 02 मीटर का रखा मिला, वाहन के दस्तावेज के संबंध मे पूछने पर वाहन पिता शाहरूख उर्फ महेश वंशकार का होना बताया डीजल के संबंध मे दस्तावेज पूछे गये जो कोई दस्तावेज होना नही बताया। इनोवा वाहन चालक को थाने लाकर सघन पूछताछ करने पर अपने पिता शाहरूख उर्फ महेश वंशकार एवं भाई अंशु वंशकार के साथ मिलकर ट्रको से डीजल चोरी करना स्वीकार किया एवं चोरी किये हुये डीजल को आते-जाते गाड़ी वालों को बेचना बताया। आरोपी से इनोवा कार एवं कार में रखा 1 केन जिसमें 10 लीटर डीजल है जप्त करते हुये, दिनांक 06.09.2022 को फरार आरेापियेां तलाश हेतु शाहरूख उर्फ महेश वंशकार के घर में दबिश दी जहॉ एक युवक पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया जिसने नाम पता पूछने पर अपना नाम अंशु वंशकार पिता शाहरूख वंशकार बताया जो अपने घर में डीजल के 2 खाली केन रखे मिला जिसे भी जप्त किया गया।
आशिक उर्फ रितिक वंशकार एवं अंशु वंशकार दोनों ने दिनांक 22/08/2022 को एन.एच 34 नागपुर मण्डला तिराहा पर फसे ट्रक से 200 लीटर डीजल एवं दिनांक 25/08/2022 को प्रभु ढाबा रमनपुर एन.एच 34 से 300 लीटर डीजल चोरी करना स्वीकार किया। दोनों आरोपियों को प्रकरण में विधिवत गिरफ्तार कर फरार पिता शाहरूख उर्फ महेश वंशकार की तलाश जारी है।
खड़े वाहनों से डीजल चुराने वाले आरोपियेां को गिरफ्तार करने मे थाना प्रभारी बरगी श्री रीतेश पाण्डे, उप निरीक्षक धर्मेन्द्र राजपूत, आरक्षक रवि शर्मा, अजय शर्मा की सराहनीय भूमिका रही।
36 पन्नों की गोपनीय रिपोर्ट ने उजागर किया शिवराज के पोषण आहार में 2000 करोड़ का घोटाला: विपक्ष का आरोप
मध्य प्रदेश के महालेखाकार की 36 पेज की गोपनीय रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद से मुख्यमंत्री शिवराज घोटालों के आरोप से घिर गये हैं। रिपोर्ट को आधार बनाते हुए उनसे पूछा जा रहा है कि करोड़ों की कीमत का पोषण आहार मोटरसायकिल पर कैसे ढोया गया? जिन बच्चियों ने स्कूल छोड़ दिया है उन्हें लाखों का पोषण आहार कैसे बाँट दिया गया? यहीं नहीं राशन निर्माण यूनिट्स में क्षमता से अधिक उत्पादन कर 58 करोड़ का गबन भी किया गया। ये आरोप पूर्व मंत्री एवं विधायक तरूण भानोट ने पत्रकार वार्ता कर लगाए ।
व्यापमं घोटाला, डंपर घोटाला, ई-टेंडर घोटाला के बाद अब प्रदेश में पोषण आहार परिवहन घोटाला सामने आया है। दरअसल मध्यप्रदेश के महालेखाकार ने 36 पर्न्नों की मीडिया में प्रकाशित एक गोपनीय रिपोर्ट में महिला बाल विकास विभाग में हुआ यह घोटाला उजागर किया है। रिपोर्ट के मुताबिक विभाग ने 2021 तक 4.05 मीट्रिक टन टेक होम राशन का वितरण किया और 1.35 करोड़ लाभार्थियों पर 2393.21 करोड रुपए खर्च किए। रिपोर्ट में स्पष्ट बताया गया है कि जिन ट्रकों से राशन ट्रांसपोर्ट करने का दावा किया गया है, वे ट्रक थे ही नहीं और उनके नंबर मोटरसाइकिल, कार ऑटो रिक्शा और दूसरे छोटे वाहनों के निकले। इनमें से कोई नंबर ट्रक का पाया ही नहीं गया। इसी तरह बाडी, धार, मंडला, रीवा, सागर और शिवपुरी के छह प्लांढों ने बड़े पैमाने पर राशन की सप्लाई दर्शाई गई, जबकि जांच में पता चला कि इन प्लांट में राशन का स्टॉक ही नहीं था।
कांग्रेस पार्टी ने इस विषय में प्रेसवार्ता आयोजित कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री और घोटालों का चोली-दामन का साथ है? क्यों हर बार मुख्यमंत्री के विभाग में ही घोटाला होता है? इस घोटाले की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस्तीफे की मांग की गई,
महालेखाकार ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है की लाभार्थियों की पहचान, राशन के उत्पादन, परिवहन, वितरण और राशन की गुणवत्ता में बड़े पैमाने पर घोटाला और अनियमितता हुई है। इसलिए मध्य प्रदेश सरकार को एक स्वतंत्र एजेंसी से पूरे घोटाले की जांच करानी चाहिए और हर स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन जिलों की जांच कर ली गई है उनके अलावा बाकी जिलों में भी इस बात की जांच की जानी चाहिए कि वहां घोटाला चल रहा है या नहीं। रिपोर्ट में इस तरह के घोटाले रोकने के लिए राशन वितरण प्रणाली के निगरानी के लिए कंप्यूटराइज्ड सिस्टम बनाने की सिफारिश की गई है।
इस रिपोर्ट में सामने आया है कि करोड़ों का कई किलों वजनी पोषण आहार का परिवहन मोटर साईकिल और ऑटो रिक्शा के द्वारा करना दिखाया गया है। वहीं यह भी पता चला है कि लाखों ऐसे बच्चे जो स्कूल नहीं जाते उनके नाम पर भी करोड़ों रूपयों का राशन बांट दिया गया। स्कूल शिक्षा विभाग ने शाला त्यागी” बालिकाओं की संख्या 9 हजार बतायी है, जबकि रिपोर्ट के अनुसार महिला बाल विकास विभाग ने 36 हजार शाला त्यागी” बालिकाओं तक पोषण आहार पहुंचाया है। जिसमें स्पष्ट तौर पर घोटाला दिखायी देता है।
मध्यप्रदेश के महालेखाकार की रिपोर्ट के मुताबिक 2021 के लिए टेक होम राशन योजना के लगभग 24 प्रतिशत लाभार्थियों की जांच पर आधारित थे, इस योजना के तहत 49.58 लाख पंजीकृत बच्चों और महिलाओं को पोषण आहार दिया जाना था, इनमें 6 महीने से 3 साल की उम्र के 34.69 लाख बच्चे, 4.25 लाख गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली मां और 11- 14 साल की लगभग 64 हजार बच्चियां शामिल थीं, जिन्होंने किसी कारणवश स्कूल छोड़ दिया है। इस रिपोर्ट में श्रष्टचार के सीधे प्रमाण मौजूद है। रिपोर्ट कहती है कि जिन ट्रकों से इन संयंत्रों से पोषण आहार को गंतव्य स्थल तक पहुंचाने का जिक्र महिला बाल विकास विभाग ने किया है महालेखाकार कार्यालय द्वारा सत्यापन करने पर उनके वाहन नंबर दो पहिया वाहनों के निकले हैं। हमारा स्पष्ट मानना है कि करोड़ों रू.का कई किलो वजनी पोषण आहार का परिवहन मोटर साईकिल से किया जाना संभव नहीं है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा के प्रश्न के जबाव में सरकार ने कहा कि कोरोना काल में पोषण आहार का घर-घर वितरण किया गया। इस संबंध में जब वर्तमान नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने अपने गृह जिले भिंड में मौका मुआयना किया तो पता चला कि किसी को टेक होम राशन नहीं मिला।
रिपोर्ट की जांच के दौरान पता चला कि प्रदेश के जिन छह संयंत्रों (बाड़ी, धार,मंडला, रीवा, सागर और शिवपुरी) से ‘टेक होम राशन” की सप्लाई की बात कही गई है, उन दिनों इन संयंत्रों से दशाये गयी मात्रा में पोषण आहार (Take home Ration) का उत्पादन नहीं किया गया। रिपोर्ट के अनुसार राशन निर्माण संयंत्रों ने निर्धारित और अनुमानित क्षमता से अधिक उत्पादन की जानकारी दी है जब कच्चे माल और बिजली की खपत की तुलना वास्तविक राशन उत्पादन से की गई तो पाया गया कि इसमें 58 करोड़ रू. की हैराफेरी की गई। रिपोर्ट में कहा गया 237 करोड़ का ऐसा राशन सप्लाई किया गया जो पोषक नहीं था। इसका मतलब है कि लाखों लोगों को घटिया राशन सप्लाई कर दिया ।
यह घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कहा उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और मामले की स्वतंत्र जांच की भी मांग की है । क्योंकि अगर मुख्यमंत्री अपने पद पर बने रहेंगे तो किसी भी एजेंसी के लिए स्वतंत्र जांच करना आसान नहीं होगा।
फोटो वायरल करने की धमकी देकर नाबालिग से दुराचार, आरोपी को आजीवन कारावास
डिण्डौरी -25 जनवरी 2018 को दोपहर लगभग 11:15 बजे समनापुर में 18 वर्ष से कम की नाबालिग बालिका के साथ घटित अपराध के बाद थाना समनापुर में अपराध पंजीबद्ध किया गया था ।
अभियोजन के मीडिया सेल प्रभारी श्री मनोज कुमार वर्मा ने बताया गया कि 25 जनवरी 2018 को दोपहर लगभग 11:15 बजे समनापुर में 18 वर्ष से कम की नाबालिग बालिका को उसकी सहमति के बिना अपने साथ ले जाकर घर में जबरदस्ती दुष्कर्म करने एवं पीड़ित के साथ ली हुई फोटो को वायरल करने की धमकी देकर पैसे लेने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में कार्रवाई करते हुए थाना समनापुर द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया ।
उक्त मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश,लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट) डिण्डौरी द्वारा आरोपी सत्यप्रकाश उर्फ सत्तू पनरिया पिता जोधीदास उम्र 22 वर्ष निवासी आवास कॉलोनी समनापुर जिला डिण्डौरी को धारा 376(2)(झ), भादवि के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 1000/- रूपये का अर्थदण्ड, धारा 354(घ)(1)(i), 354(घ)(2) भादवि एवं 11(iv)/12 लैंगिक अपराधो से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के अपराध के लिए 03 वर्ष कठोर कारावास एवं 500/- रूपये का अर्थदण्ड, धारा 506 भाग-2 भादंवि के अपराध के लिए 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 200/- रूपये का अर्थदण्ड एवं धारा 384 भादवि के अपराध के लिए 01 वर्ष कठोर कारावास एवं 200/- रूपये का अर्थदण्ड से दण्डित किया । अर्थदण्ड की राशि अदा न करने पर क्रमश: 06 माह, 03 माह, 01 माह, 01 माह अतिरिक्त कठोर कारावास भुगताये जाने के आदेश पारित किया गया । शासन की ओर से श्री अब्दुल नसीम,विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट द्वारा मामले का सशक्त संचालन किया गया ।



