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शनिवार, अगस्त 30, 2025
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जबलपुर के फिंगर प्रिंट इन्स्पेक्टर अखिलेष चौकसे को राष्ट्रीय स्तर पर मिला द्वितीय स्थान

नई दिल्ली, 20 और 21 सितम्बर को नेशनल क्राईम रिकार्ड ब्यूरो नई दिल्ली मे 23वीं ऑल इंडिया फिंगर प्रिंट डायरेक्टर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश का नेतृत्व डायरेक्टर फिंगर प्रिंट एल.के. दुबे, उप पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह राजपूत, उप पुलिस अधीक्षक निधि श्रीवास्तव और निरीक्षक फिंगर प्रिंट अखिलेष चौकसे ने किया गया। कॉन्फ्रेंस मे नेफिस सॉफ्टवेयर के सुचारू संचालन, अपराधियों के बायोमैट्रिक रिकार्ड के संग्रह से संबंधित एस.ओ.पी. तैयार करने एवं राज्यों के फिंगर प्रिंट ब्यूरो के निर्बाध कार्य करने के लिये फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों के प्रशिक्षण सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
इस कॉन्फ्रेंस में ‘‘स्मार्ट यूज ऑफ फिंगर प्रिंट साइंस इन इन्वेस्टिगेशन‘‘ पर विभिन्न राज्यों द्वारा प्रजेन्टेशन दी गयी। मध्यप्रदेश से अति. पुलिस महानिदेशक एस.सी.आर.बी. चंचल शेखर (भा.पु.से.) और अति. पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन जबलपुर उमेश जोगा (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में निरीक्षक अखिलेश चौकसे ने प्रजेन्टेशन दिया। जो कि थाना कुरई जिला सिवनी के अपराध क्रमांक 235/22 धारा 302, 201 भादवि में नेफिस सिस्टम के ज़रिये पूरे भारत में पहले अज्ञात मृतक की पहचान किए जाने पर आधारित थी। इस प्रेजेंटेशन को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान मिला। पुरस्कार एन.सी.आर.बी. के डायरेक्टर विवेक गोगिया ने दिया।

इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन अजय कुमार मिश्रा गृह राज्य मंत्री भारत सरकार ने किया। जिसमें श्यामलाल मिश्रा (आई.ए.एस) ज्वाइंट सेक्रेटरी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट गृह मंत्रालय, विवेक गोगिया (भा.पु.से.) डायरेक्टर एन.सी.आर.बी., संजय माथुर (भा.पु.से.) ज्वांइट डायरेक्टर सी.सी.टी.एन.एस. एन.सी.आर.बी., दीपक एम. दामोर (भा.पु.से.) ज्वांइट डायरेक्टर एडमिन एनसीआरबी एवं रवीन्द्र कुमार डायरेक्टर सेन्ट्रल फिंगर प्रिंट ब्यूरो जैसे विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश सरकार ने लैपटॉप योजना 2022 के लाभार्थी छात्र-छात्राओं की सूची जारी की

12वीं की परीक्षा में नियमित रूप से 629308 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें से इनमें से तीन 325572 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी उत्तीर्ण हुए हैं। शासन के नियम अनुसार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए 75 और सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अगर 75 प्रतिशत से ऊपर अंक लाते हैं, तो उन्हें Laptop प्रदान किया जाएगा। मध्यप्रदेश ( Madhya Pradesh ) राज्य सरकार 12वीं पास उक्त प्रतिभाशाली छात्रों को उक्त योजना के तहत लैपटॉप दे रही है।

3 अक्टूबर को आएंगे 25 हज़ार रुपये – सीएम शिवराज की ओर से स्टूडेंट्स को लैपटॉप के लिए एक क्लिक पर 25 हजार रुपए मिलने वाले हैं. 12वीं कक्षा में 75% से अधिक अंक लाने वाले छात्रों के खाते में सिंगल क्लिक के माध्यम से 3 अक्टूबर को 25 हजार रुपए भेजे जाएंगे.  

75% लाने वाले बच्चों को मिलेगा लैपटॉप – इस योजना के तहत ये लैपटॉप सिर्फ सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को दिए जाएंगे. जिन्होंने पहले ही प्रयास में 12वीं क्लास में 75% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए है. ऐसे छात्र-छात्राओं को 25 हजार रुपये सीएम शिवराज सिंह चौहान देंगे.

91,617 छात्रों के खाते में आएंगे पैसे – राजधानी के लाल परेड ग्राउंड पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. जहां प्रदेश के कुल 91, 617 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप खरीदने के लिए सीएम राशि देंगे. गौरतलब है कि कोविड के कारण लैपटॉप का काम नहीं हो पाया था.

करीब 3 साल बाद कार्यक्रम – पिछले शैक्षणिक सत्र में कक्षा 12वीं पास विद्यार्थियों को लैपटॉप की राशि नहीं दी गई थी. वहीं कोविड के कारण सभी छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर ही पास कर दिया था. अब करीब 3 साल बाद साल 2022 में छात्र-छात्राओं के लिए ये कार्यक्रम हो रहा है.

विदित हो कि शिवराज सिंह चौहान के तीसरे कार्यकाल तक विद्यार्थियों को यथावत लैपटॉप वितरित होते रहे हैं। वर्ष 2018 में पहले कांग्रेस सत्ता में आई, उसके बाद कमलनाथ सरकार का तख्तापलट होने के बाद फिर शिवराज सिंह चौहान सीएम बने थे। इसी बीच कोरोना की पहली लहर आई तो तभी से यह योजना बंद पड़ी रही। अधिकारियों के अनुसार यह योजना सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए है।

इस समाचार के अंत में दी गई सूची में अपना नाम ढूँढने के लिए नीचे दिए गए STEP-1 और STEP-2 को फॉलो करें।

चरण एक
चरण दो

Mp Laptop List 2022 by Prathmik Media on Scribd

किसी प्रकार की शिकायत के लिए https://shikshaportal.mp.gov.in/Laptop/Default.aspx पर जाकर अनलाइन या नीचे दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।

Laptop Cell/ हेल्पलाइन नंबर
Directorate of Public Instructions
Gautam Nagar, Bhopal

Help Line Number/ हेल्पलाइन नंबर: 0755-2600115

Email/ ईमेल: [email protected]

प्रस्तुत सूची में जानकारी शासन द्वारा जारी की गई सूची से सावधानीपूर्वक ली गई है। इसके बावजूद यदि इसमें कोई तकनीकी या भूलवश किसी कारण कोई त्रुटि पायी जाती है तो इसके लिए प्राथमिक मीडिया ज़िम्मेदार नहीं होगा। अपने रोल नंबर से संबंधित सटीक जानकारी के लिये अपनी शाला या संबंधित विभाग से संपर्क करें।

आज सर्वपितृ अमावस्या पर जानिए पित्रों के पूजन का समय और विषेश नियम

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पितृ पक्ष की शुरुआत 10 सितंबर से हो चुकी है। 16 दिन तक चलने वाले पितृ पक्ष का समापन 25 सितंबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा। अश्विन माह में पड़ने वाली अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या और महालय अमावस्या के नाम से जानते हैं। इस दिन पितरों के पिंडदान, तर्पण और दान आदि का आखिरी दिन होता है। सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों को विदाई दी जाती है, जिसके बाद पितृ पक्ष का समापन हो जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन पितरों को विदाई देने, विशेष पूजा-पाठ और नियमों का पालन करने से पितर प्रसन्न होकर अपने लोक को जाते हैं और वंशजों को खूब सारा आशीर्वाद देकर जाते हैं।

सर्वपितृ अमावस्या तिथि मुहूर्त – हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार सर्वपितृ अमावस्या 25 सितंबर 2022 रविवार के दिन पड़ रही है। तिथि का आरंभ सुबह 03 बजकर 11 मिनट से लेकर 26 सितंबर 2022 सोमवार सुबह 03 बजकर 22 मिनट कर है। ऐसे में 25 सितंबर के दिन पितरों को विदाई दी जाएगी।

आज क्या करें और क्या नहीं – अश्विन अमावस्या पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पितरों की विदाई दी जाती है। इसे सर्वपितृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन तर्पण करना आवश्यक माना गया है। माना जाता है कि इस दिन घर आए किसी गरीब या जरूरतमंद को खाली हाथ नहीं भेजना चाहिए। उसे कुछ पैसे, अन्न, वस्त्र आदि का दान अवश्य करना चाहिए। पितृ पक्ष के आखिरी दिन मांस-मदिरा का सेवन भूलकर भी न करें। ऐसा करने से पितृदोष का सामान करना पड़ सकता है।

सर्वपितृ अमावस्या के दिन अनजाने में हुई गलती के लिए भगवान से क्षमा मांगल लें और ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे पितर नाराज हो जाएं। मान्यता है कि पितरों को प्रसन्न करके ही विदा करना चाहिए। ताकि वे जाते समय खूब सारा आशीर्वाद वंशजों को देकर जाएं।

सर्वपितृ अमावस्या का महत्व – हिंदू धर्म में वैसे तो हर माह आने वाली अमावस्या का अपना महत्व बताया गया है। लेकिन अश्नविन अमावस्या, सर्वपितृ अमावस्या या फिर महालय अमावस्या का खास महत्व है। इस दिन पितरों का तर्पण करने से वे प्रसन्न होते हैं। इस दिन पितरों के निमित्त विशेष व्यंजन व पकवान बनाए जाते हैं। भोजन को कौए, गाय, कुत्ते आदि को दिया जाता है। इसके साथ ही इस दिन ब्राह्मण भोज भी कराया जाता है। पितृदोष से पीड़ित लोगों के लिए ये दिन महत्वपूर्ण होता है।


ज्योतिर्विद वास्तु दैवज्ञ पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री, कटनी (म.प्र.)
मो. 9993874848

(अस्वीकरण: प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं जिनकी पुष्टि प्राथमिक मीडिया नहीं करता है, कृपया अपने बुद्धि-विवेक से इनका अनुसरण करें। लेखक से संपर्क करने के पश्चात उनके द्वारा सुझाए गए किसी भी उपाय या दी गई सलाह या अन्य किसी लेन-देन के लिए प्राथमिक मीडिया उत्तरदायी नहीं होगा। )

रेप आरोपी शशिकांत सोनी को भाजपा ने पार्टी से किया निष्काषित

भोपाल में दर्ज हो चुकी है रेप की FIR, पुलिस कर रही है आरोपी की तलाश

जबलपुर, भाजपा जबलपुर महानगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर ने व्यापारी प्रकोष्ठ के पूर्व जिला संयोजक शशिकांत सोनी को 6 वर्ष के लिये पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कदम आरोपी शशिकांत सोनी पर भोपाल के टीटी नगर थाने में एक महिला द्वारा आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाने के बाद उठाया गया है। राजधानी भोपाल के टीटी नगर थाने में जबलपुर के भाजपा नेता नगर निगम जबलपुर पथ विक्रेता समिति सदस्य शशिकांत सोनी के खिलाफ़ कल पीड़ित युवती ने अपनी आपबीती सुनायी। जिसके बाद उसकी शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी शशिकांत सोनी पर युवती के साथ किये गए दुष्कर्म के मामले में धारा 376 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया।

क्या है पूरा मामला – बताया जाता है कि मामला मई 2022 का है, जब पीड़िता को नौकरी का झांसा देकर 1 लाख 80 हजार रुपये ठगने के साथ ही आरोपी भाजपा नेता शशिकांत सोनी ने युवती को एक चौपहिया वाहन के अंदर अपनी हवस का शिकार बनाया। इस घटना के बाद युवती को एक दो महीने में नौकरी का लेटर आ जायेगा ये दिलासा देकर आरोपी भोपाल से नदारद हो गया। पिछले 4 महीने से युवती आरोपी शशिकांत सोनी को ढूँढते हुए जब हताश हो गई तो उसने टीटी नगर थाने में घटना की जानकारी देते हुए उस पर बलात्कार का मामला दर्ज कराया।

सावधान! सोशल मीडिया में चल रहा है ये नया फ्रॉड

आसान सवाल के बदले ईनाम का लालच करवा सकता है आपका अकाउंट हैक

आई डी हैक करने के बाद हैकर द्वारा अपडेट की गई स्टोरी

जबलपुर, सायबर की दुनिया में रोज नए-नए तरीके से अपराध किए जाते हैं, कभी आपके UPI पर पेमेंट भेजने की रिक्वेस्ट भेजकर तो कभी आपके फोन पर OTP भेजकर। ऐसे अपराधों के शिकार न सिर्फ काम जानकार या अशिक्षित लोग होते हैं, बल्कि कभी-कभी पढ़े-लिखे लोग भी हो जाते हैं। प्राथमिक मीडिया के सामने जबलपुर के अब तक ऐसे तीन मामले सामने आए हैं। जहां तीनों लोगों की इंस्टाग्राम आई डी हैक की जा चुकी है। इन तीनों में से एक पीड़ित से हमने बात की है जबकि दूसरे की जानकारी खबर का विडिओ जारी होने के बाद और तीसरे की जानकारी उसकी इंस्टाग्राम आई डी पर स्टोरी देखकर पता चली। इनमें से एक पीड़ित विडिओग्राफर का काम करते हैं और एक पीड़ित अधिवक्ता हैं। जबकि शिवानन्द ब्योहारी से हैं और जबलपुर में काम की तलाश कर रहे हैं।

कैसे हुई आई डी हैक: शिवानंद को इंस्टाग्राम पर उसके दोस्त की आई डी से मेसेज आता है, जिसमें एक सवाल के जवाब में उसे सही ऑप्शन चुनना है। शिवानंद सही जवाब देकर उसके इन्स्ट्रक्शन फॉलो करता है जहां वो अपनी पर्सनल डिटेल्स में एक ईमेल आई डी अपडेट करता है जो उसकी दोस्त ने उसे भेजा था। शिवानंद के ऐसा करते ही उसका अकाउंट हैक हो जाता है और थोड़ी ही देर में उसके इंस्टाग्राम में एक स्टोरी पोस्ट होती है जिसमें उसके द्वारा एक आई डी मेन्शन करते हुए वो क्रिप्टो में 50 हज़ार रुपये निवेश करके तीन घंटे में 5 लाख रुपये कमाने का मौका देने पर धन्यवाद कह रहा है, साथ ही दूसरों को भी उस आई डी पर सीधे संपर्क करने के लिए कह रहा है। तकनीकी तौर पर शिवानन्द की जिस दोस्त ने उसे मेसेज भेजा है उसकी आई डी भी हैक हो चुकी है।

एक अन्य इंस्टाग्राम user की पोस्ट

स्टोरी के ज़रिए होगा अगला फ्रॉड – इस मामले में शिवानंद की आई डी हैक हो चुकी है लेकिन शिवानन्द की स्टोरी में क्रिप्टो में निवेश करके कुछ घंटों में दस गुना लाभ कमाने की जो बात की जा रही है उसे देखकर यदि कोई क्रॉसचेक करने के लिए शिवानंद को मेसेज करेगा, तो शिवानंद की आई डी जो पहले ही हैक हो चुकी है वो उस बात को सच ही बताएगा। और अगर वो सीधे हैकर की आई डी पर संपर्क करके पैसे भेज देता है तो भी नुकसान झांसे में आने वाले व्यक्ति का ही होगा।

पीड़ित शिवानंद से की गई बातचीत

कैसे बचें – सोशल मीडिया पर अनजानी लिंक पर क्लिक करने से बचें, यदि आप ऐसा कर भी देते हैं तो उसमें व्यक्तिगत जानकारी न डालें। किसी भी तरह के लालच जैसे मुफ़्त उपहार, मुफ़्त कूपन कोड, नकद पुरुस्कार में न फंसे। सबसे महत्त्वपूर्ण बात किसी से भी अपना OTP शेयर न करें और न ही किसी के द्वारा भेजी गई ईमेल आई डी को अपनी व्यक्तिगत जानकारी में शामिल करें।

पितृपक्ष सिर्फ मृत्यु पश्चात ही क्यों ?

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माथे का पसीना अपने दुपट्टे से पोंछती हुई, नियति किचन से निकल कर आई और लिविंग रूम में रखे सोफे पर, धम्म से बैठ गई। थकान से पूरा श रीर दर्द कर रहा था उसका। सितंबर का महीना था और पितृपक्ष चल रहे थे। आज उसके ससुर जी का श्राद्ध था। बस थोड़ी देर पहले ही पण्डित जी और कुछ रिश्तेदार भोजन ग्रहण कर घर से गए थे।

सबने उसके हाथ के बनाए भोजन की खूब तारीफ़ की थी,खासकर उसकी बनाई हुई खीर सबको खूब पसंद आई थी। सभी मेहमान तृप्त होकर गए थे। इस बात की संतुष्टि साफ झलक रही थी नियति के चेहरे पर।

कहते है यदि पितृ श्राद्ध में भोजन करने वाले लोग तृप्त होकर जाएं तो समझ लीजिए आपके पितृ भी तृप्त हो गए।

“चलो ज़रा खीर चखी जाए । मैं भी तो देखूं कैसी बनी है खीर, जो सब इतनी तारीफ कर रहे थे।”

बुदबुदाते हुए नियति, एक कटोरी में थोड़ी सी खीर लिए वापस लिविंग रूम में आ गई। ड्राई फ्रूट्स से भरी हुई खीर वाकई बहुत स्वदिष्ट बनी थी।

वैसे नियति को मीठा ज्यादा पसंद नही था। पति और बच्चे भी मीठे से ज्यादा ,चटपटे व्यंजन पसंद करते थे तो खीर घर में कभी कभार ही बनती थी।

पर एक व्यक्ति थे घर में ,जो खीर के दीवाने थे। वो थे नियति के ससुर , स्वर्गीय मणिशंकर जी। वे अक्सर अपनी पत्नी ,उमा से खीर बनाने को कहा करते और उमा जी भी ,खूब प्रेम से उनके लिए खीर बनाया करती किंतु उमा जी के स्वर्गवास के बाद सब बदल गया।

एक बार मणि शंकर जी ने नियति से कहा ” बहु थोड़ी खीर बना दे ,आज बहुत जी कर रहा है खीर खाने को।”

इतना सुनते ही नियति उन पर बरस पड़ी थी
” क्या पिता जी, आपको पता है ना घर में आपके अलावा और कोई खीर नहीं खाता। अब मैं स्पेशली आपके लिए खीर नहीं बना सकती और भी बहुत काम रहते है मुझे घर पर ,और बुढ़ापे में इतना चटोरापन अच्छा नहीं। “

बहु से इस तरह के व्यवहार की कल्पना भी नहीं की थी मणिशंकर जी ने। दिल को बहुत ठेस पहुंची थी उनके। उस दिन वे अपनी स्वर्गवासी पत्नी को याद कर, खूब रोए। बस उस दिन से उन्होंने नियति से कुछ भी कहना बंद कर दिया।कभी कभी बहुत इच्छा होती उन्हें खीर खाने की। पर बहु के डर से उन्होंने अपनी इस इच्छा को भी दबा दिया।

कुछ दिन बाद मणि शंकर जी भी इस संसार को छोड़ चले गए। परंतु खीर खाने की इच्छा उनके मन में ही रह गई।

कहते हैं श्राद्ध में पितरों का मनपसंद भोजन यदि
पंडितों को खिला दो तो पितृ देव प्रसन्न हो जाते हैं इसीलिए तो आज नियति ने खीर बनाई थी।

” चलो आज बाबूजी की आत्मा को भी तृप्ति मिल गई होगी। उनकी मनपसंद खीर जो बनाई थी आज ।” नियति मुस्कुराते हुए बुदबुदाई और बची हुई खीर खाने लगी।

तभी उसके कानो में एक आवाज सुनाई दी ” बहु थोड़ी खीर खिला दे आज बहुत जी कर रहा है खीर खाने का।”
एक बार, दो बार, कई बार ये आवाज नियति के कानों में गूंजने लगी।

ये उसके ससुरजी की आवाज़ थी। नियति थर थर कांपने लगी। उसने सुना था कि पितृ पक्ष में पितृ धरती पर विचरण करते है। डर के मारे नियति के हाथ से खीर की कटोरी छटक कर ज़मीन पर गिर गई।

उसने दोनो हाथ अपने कानों पर रख दिए। उसे अपने ससुर जी से किया हुआ दुर्व्यवहार याद आ गया। अनायास ही उसके आंखों से पश्ताचाप की अश्रु धारा फूट पड़ी।

अब कमरे में एक अजीब सी शांति थी। सब कुछ एक दम शांत । अशांत था तो बस, नियति का मन। वो अब ये जान गई थी कि जो तृप्ति आप एक मनुष्य को उसके जीते जी दे सकते है, वो तृप्ति आप उसके मरणोपरांत, हजारों दान पुण्य या पूजा पाठ से कभी नहीं दे सकते इसलिये बुजुर्गों की जीतेजी सेवा मरणोपरांत श्राद्ध कर्म से बहुत बेहतर है।

डॉ नरेंद्र त्रिपाठी (रचनाकार)

एक झटके में हटाए 13147 पुराने मामले – सुप्रीम कोर्ट

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लंबित प्रकरणों के बोझ से दबी देश की शीर्ष न्यायपालिका को मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 13147 पुराने उन मामलों को हटा दिया, जिन्हें डायरी में दर्ज तो किया गया था, लेकिन उन्हें पंजीकृत नहीं किया गया था। इनमें से कुछ मामले 30 साल से पहले दायर किए गए थे।

आदेश में क्या कहा गया …
“प्रचलित प्रथा के अनुसार, मामलों में पाई गई कमियों को सुधारने के लिए मामले क्रमशः एलडी के वकील / याचिकाकर्ता को वापस कर दिए गए थे। उन्हें कभी भी ठीक नहीं किया गया है। कुछ भी नहीं किया गया है। उसके बाद इन डायरी नंबरों के संबंध में या तो एलडी वकील या पार्टी-इन-पर्सन से सुना गया।”
आदेश में यह इंगित किया गया कि सभी 13,147 मामलों को केवल डायरी किया गया था और डायरी संख्या के अलावा कोई संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और न ही बनाए रखा गया था क्योंकि रजिस्ट्री द्वारा दोषों को सूचित करते समय कोई कागज नहीं रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट के 2013 के नियम लागू होने के बाद ही रजिस्ट्री के पास वादपत्र और कोर्ट फीस टिकटों की एक प्रति रखने का प्रावधान किया गया था।
आदेश में कहा गया है कि मामलों में दोषों को वर्षों पहले पार्टियों को अधिसूचित किया गया था और उन्हें 28 दिनों के भीतर इसे ठीक करना था। पार्टियां इस प्रकार अधिसूचित दोषों को सुधारने और ठीक करने के लिए वर्षों तक कोई प्रभावी कदम उठाने में विफल रहीं।
आदेश में यह भी कहा गया है,
“दोषों को ठीक करने के लिए वैधानिक अवधि समाप्त हो गई है। ऐसा लगता है कि पार्टियों का मुकदमा चलाने का इरादा नहीं है। पार्टियों को दोषों को ठीक करने के लिए कई वर्षों की अनुमति दी गई थी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।”
आदेश में यह भी संकेत दिया गया कि 28 दिन पूरे होने के बाद भी कमियों को ठीक करने के लिए पार्टियों द्वारा समय बढ़ाने की मांग करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया और दोष आज तक अपरिवर्तित रहे हैं और वह भी बिना किसी उचित कारण के। मामले समय के प्रवाह के साथ ही मर गए हैं।
2022 के अगस्त में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित मामलों की कुल संख्या 71,411 थी, जिनमें से 56,365 दीवानी मामले थे और 15,076 आपराधिक मामले थे, इन मामलों को रिकॉर्ड से हटाने से सुप्रीम कोर्ट समक्ष लंबित मामलों की संख्या में सेंध लग सकती थी।

सूर्यास्त के बाद नहीं करने चाहिए ये 5 काम, इससे नाराज हो जाती हैं देवी लक्ष्मी और बनी रहती है गरीबी

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मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के बाद कुछ कार्यों को करना वर्जित माना जाता है। यदि सूर्यास्त के बाद इन कार्यों को करते हैं तो घर में बरकत नहीं होती है और दरिद्रता आने लगती है इसलिए सूर्यास्त के बाद इन कामों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए। आगे जानिए इन कामों के बारे में…

  1. सूर्यास्त के बाद भूलकर भी तुलसी के पौधे को स्पर्श नहीं करना चाहिए। यहां तक की सूर्यास्त के बाद तुलसी में जल भी नहीं देना चाहिए। माना जाता है कि सूर्यास्त के बाद तुलसी को स्पर्श करने तोड़ने आदि से मां लक्ष्मी नाराज होती है जिससे आपके घर में धन की कमी होने लगती है औऱ दरिद्रता आने लगती है।
  2. सूर्यास्त के बाद दही का दान नहीं करना चाहिए। दही को शुक्र ग्रह से संबंधित खाद्य पदार्थ माना जाता है और शुक्र को धन वैभव का प्रदाता माना गया है। सूर्यास्त के समय या सूर्यास्त के बाद दही का दान करने से सुख-समृद्धि में कमी आती है। आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  3. सूर्यास्त के समय सोना वर्जित माना गया है साथ ही इस समय भोजन भी नहीं करना चाहिए। इससे आपके स्वास्थ्य की हानि होती है। माना जाता है कि सूर्यास्त के समय सोने से धन हानि होने लगती है। शास्त्रों में सूर्यास्त का समय पूजन-वंदन के लिए निश्चित किया गया है।
  4. यदि घर में झाड़ू-पोछा या साफ-सफाई करना है तो सूर्यास्त से पहले ही कर लेनी चाहिए। सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाने से धन हानि होने लगती है। माना जाता है कि इससे आपके घर से लक्ष्मी चली जाती हैं जिसके कारण धन का अभाव होने लगता है।
  5. लोग कई बार बाल कटवाते समय या फिर नाखून काटते हुए दिन का तो ध्यान रखते हैं लेकिन समय का ध्यान नहीं रखते हैं। सूर्यास्त के बाद बाल और नाखून नहीं काटना चाहिए। मान्यता है कि इससे आपके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने लगता है।

ज्योतिर्विद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
कटनी (मध्यप्रदेश)

(अस्वीकरण: प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं जिनकी पुष्टि प्राथमिक मीडिया नहीं करता है, कृपया अपने बुद्धि-विवेक से इनका अनुसरण करें। लेखक से संपर्क करने के पश्चात उनके द्वारा सुझाए गए किसी भी उपाय या दी गई सलाह या अन्य किसी लेन-देन के लिए प्राथमिक मीडिया उत्तरदायी नहीं होगा। )

जबलपुर के भीड़भाड़ वाले इलाकों पर बम स्क्वाड कर रही चेकिंग, संदिग्ध वस्तु दिखने पर पुलिस से संपर्क करें

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18 सितंबर को उपराष्ट्रपति का आगमन, राजा शंकरशाह रघुनाथ शाह बलिदान दिवस समारोह में होंगे शामिल

जबलपुर – उपराष्ट्रपति महमहिम जगदीप धनखड़ के जबलपुर आगमन के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ रखने के निर्देश दिए हैं।

आज बम निरोधक दस्ते द्वारा विटनरी कालेज, शंकर शाह रधुनाथ शाह स्मारक मालगोदाम, कल्चुरी होटल, मानस भवन कार्यक्रम स्थल तथा रेल्वे स्टेशन, बस स्टैण्ड, मॉल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान सहित स्निफर डॉग के साथ विटनरी कालेज, शंकर शाह रधुनाथ शाह स्मारक कल्चुरी होटल, मानस भवन कार्यक्रम स्थल तथा मान्नीय उच्च न्यायालय परिसर, एवं भीड़भाड़ वाले स्थान रेल्वे स्टेशन, दीनदयाल बस स्टैण्ड, मॉल में चैकिंग की जा रही है।

स्निफर डॉग के साथ मुख्य स्थानों पर बम स्क्वाड की चेकिंग

पुलिस अधीक्षक ने संस्कारधानी की जनता से अपील की है कि यदि कोई भी संदिग्ध वस्तु आपको नजर आती है तो उससे दूर रहें एवं इसकी सूचना तत्काल कन्ट्रोलरूम के दूरभाष क्रमांक 0761-2676100, 2676102 एवं डायल 100 पर देें ताकि तत्काल बी.डी.डी.एस. (बम निरोधक दस्ता) टीम से चैकिंग की कार्यवाही करायी जा सके।

गिरफ़्तारी के बाद रेप के आरोपी संदीप अयाची की ज़मानत अर्ज़ी ख़ारिज

39 दिनों से फरार चल रहे महिला कॉन्स्टेबल के रेप के आरोपी संदीप अयाची को कुछ दिनों पहले पाटन बायपास से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। जिसके बाद आज आरोपी की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत की अर्ज़ी दी गई। जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। हालाँकि गिरफ्तारी से पहले भी आरोपी संदीप अयाची ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी जो माननीय न्यायालय द्वारा खारिज कर दी गई थी। आज ज़मानत की अर्ज़ी कोर्ट में देते हुए आरोपी की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ दत्त ने कहा कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है, आरोप लगाने वाली महिला कांस्टेबल पढ़ी-लिखी और व्यस्क है और उसे इस तथ्य की जानकारी थी कि आरोपी शादीशुदा व्यक्ति है। इसलिए जो संबंध स्थापित किए गए दोनों की सहमति से किए गए। इस संबंध में ऐसे कोई चिकित्सीय साक्ष्य नहीं है जिसमें बलात्कार के प्रमाण मिलते हों। आरोपी दमोह का स्थाई निवासी है इसलिए उसके फरार होने की संभावना नहीं है। आरोपी की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए पीड़िता के अधिवक्ता आलोक तिवारी ने दलील देते हुए कहा कि आरोपी पीड़िता का वरिष्ठ अधिकारी था इसलिए उसके द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारी पर दबाव डालकर और प्रलोभन देकर कृत्य किया गया जिसमें पीड़िता की सहमति नहीं थी। आरोपी घटना के बाद से फरार भी रहा है, यहां तक कि वह सरेंडर के लिए आवेदन देने के बाद भी उस तारीख में हाज़िर नहीं हुआ। इसलिए बाद में उसे पाटन बाईपास पर घेराबंदी करके गिरफ़्तार किया गया। पीड़िता के अधिवक्ता ने आगे कहा कि यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता या उसके परिवार के साथ कोई घटना घटित कर सकता है। माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद यह कहा कि यह मामला पुलिस अधिकारी होते हुए अपने अधीन पुलिस कर्मचारी को शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने से संबंधित है। जो कि एक बेहद गंभीर मामला है। यदि आरोपी को जमानत दी जाती है तो वह पीड़िता और गवाहों को प्रलोभन देने का प्रयास कर सकता है इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी द्वारा दी गई जमानत अर्जी खारिज की जाती है। सत्र न्यायालय की ओर से माननीय न्यायाधीश कुमारी उर्मिला यादव ने दोनों पक्षों को सुना। शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक अनिल तिवारी उपस्थित रहे।