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शनिवार, अगस्त 30, 2025
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12वीं पास एस सी-एस टी युवतियों के वॉक इन इंटरव्यू 17 को

टाटा इलेक्ट्रिक प्रा.लि. में जूनियर टेक्निशियन की भर्ती के लिए अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिला अभ्‍यार्थियों से आवेदन पत्र लिए जा रहे हैं। इनकी उम्र 2022 में 18 से 20 वर्ष के बीच होना चाहिये। (उम्र 20 वर्ष से अधिक न हो)। साथ ही अभ्यर्थी को कक्षा 12 उत्‍तीर्ण होना अनिवार्य है। कलेक्ट्रेट से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय होम साइंस कॉलेज जबलपुर में छात्राओं के वॉक इन इंटरव्‍यू 17 अक्‍टूबर 2022 को सुबह 10 बजे से सायं 5 बजे तक शासकीय होम साइंस कॉलेज, जबलपुर में होंगे। साक्षात्‍कार देने के लिए अभ्यर्थी को अपना नाम, पिता का नाम, जन्‍मतिथि, जाति/उपजाति, स्‍थायी निवासी का पता, आधार कार्ड क्रमांक, पेन कार्ड नम्‍बर, मोबाईल नम्‍बर, ई-मेल आईडी (यदि हो तो), शैक्षणिक योग्‍यता कक्षा 10वी एवं 12वी उत्‍तीर्ण की जानकारी अंकसूची के साथ देना होगा। किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिये आवेदिकागण उपरोक्त जानकारी से संबंधित अपने मूल दस्तावेज़, अंकसूची और प्रमाण-पत्र साथ लेकर ही इंटरव्यू में जाएँ। विदित हो कि महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की यह पहल मध्य प्रदेश शासन की ओर से है।

अर्जुन का धनुष बनाने में काम आया ये वृक्ष देता है धन लाभ

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‘शमी शम्यते पापम् शमी शत्रुविनाशिनी।
अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी।।
करिष्यमाणयात्राया यथाकालम् सुखम् मया।
तत्रनिर्विघ्नकर्त्रीत्वं भव श्रीरामपूजिता।।’

इसका अर्थ है हे शमी वृक्ष आप पापों को नाश और दुश्मनों को हराने वाले हैं। आपने ही शक्तिशाली अर्जुन का धनुष धारण किया था। साथ ही आप प्रभु श्रीराम के अतिप्रिय है। ऐसे में आज हम भी आपकी पूजा कर रहे हैं। हम पर कृपा कर हमें सच्च व जीत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा दें। साथ ही हमारी जीत के रास्ते पर आने वाली सभी बांधाओं को दूर कर हमें जीत दिलाए।

खेजड़ी या शमी एक वृक्ष है जो थार के मरुस्थल एवं अन्य स्थानों में पाया जाता है। यह वहां के लोगों के लिए बहुत उपयोगी है। इसके अन्य नामों में घफ़ (संयुक्त अरब अमीरात), खेजड़ी, जांट/जांटी, सांगरी (राजस्थान), छोंकरा (उत्तर प्रदेश), जंड (पंजाबी), कांडी (सिंध), वण्णि (तमिल), शमी, सुमरी (गुजराती) आते हैं। इसका व्यापारिक नाम कांडी है।

गणेश होते हैं प्रसन्न – शमी को गणेश जी का प्रिय वृक्ष माना जाता है और इसकी पत्तियाँ गणेश जी की पूजा में भी चढ़ाई जाती हैं। जिसमें शिव का वास भी माना गया है, जो श्री गणेश के पिता हैं और मानसिक क्लेशों से मुक्ति देने वाले देव हैं। यही कारण है कि शमी पत्र का चढ़ावा श्री गणेश की प्रसन्नता से बुद्धि को पवित्र कर मानसिक बल देने वाला माना गया है। अगर आप भी मन और परिवार को शांत और सुखी रखना चाहते हैं तो नीचे बताए विशेष मंत्र से श्री गणेश को शमी पत्र अर्पित करें –

त्वत्प्रियाणि सुपुष्पाणि कोमलानि शुभानि वै।
शमी दलानि हेरम्ब गृहाण गणनायक।।

शमी भगवान श्री राम का प्रिय वृक्ष था और लंका पर आक्रमण से पहले उन्होंने शमी वृक्ष की पूजा कर के उससे विजयी होने का आशीर्वाद प्राप्त किया था। आज भी कई स्थानों पर ‘रावण दहन’ के बाद घर लौटते समय शमी के पत्ते स्वर्ण के प्रतीक के रूप में एक दूसरे को बाँटने की प्रथा हैं, इसके साथ ही कार्यों में सफलता मिलने कि कामना की जाती है।

शमी शमयते पापं शमी शत्रु विनाशिनी।
अर्जुनस्य धनुर्धारी रामस्य प्रियदर्शिनी।।
करिष्यमाणयात्राया यथाकालं सुखं मया।
तत्र निर्विघ्न कर्तृत्वं भवश्रीरामपूजिता।।

शमी पापों का नाश करने वाले और दुश्मनों को पराजित करने वाले है.अर्जुन का धनुष धारण करने वाले ; श्रीराम को प्रिय है.जिस तरह श्रीराम ने आपकी पूजा करी , हम भी करते है. अच्छाई की जीत में आने वाली सभी बाधाओं को दूर कर उसे सुखमय बना देते है।

धन लाभ उपाय – यदि परिवार में धन का अभाव बना हुआ है। खूब मेहनत करने के बाद भी धन की कमी है और खर्च अधिक है तो किसी शुभ दिन शमी का पौधा खरीदकर घर ले आएं। शनिवार के दिन प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर नए गमले में शुद्ध मिट्टी भरकर शमी का पौधा लगा दें। इसके बाद शमी पौधे की जड़ में एक पूजा की सुपारी, अक्षत पौधे पर गंगाजल अर्पित करें और पूजन करें। पौधे में रोज पानी डालें और शाम के समय उसके समीप एक दीपक लगाएं। आप स्वयं देखेंगे धीरे-धीरे आपके खर्च में कमी आने लगेगी और धन संचय होने लगेगा।

रोगों से बचने के लिए – शनिवार को शाम के समय शमी के पौधे के गमले में पत्थर या किसी भी धातु का एक छोटा सा शिवलिंग स्थापित करें। शिवलिंग पर दूध अर्पित करें और विधि-विधान से पूजन करने के बाद महामृत्युंजय मंत्र की एक माला जाप करें। इससे स्वयं या परिवार में किसी को भी कोई रोग होगा तो वह जल्दी ही दूर हो जाएगा।

शीघ्र विवाह हेतु – कई सारे युवक-युवतियों के विवाह में बाधा आती है। विवाह में बाधा आने का एक कारण जन्मकुंडली में शनि का दूषित होना भी है। किसी भी शनिवार से प्रारंभ करते हुए लगातार 45 दिनों तक शाम के समय शमी के पौधे में घी का दीपक लगाएं और सिंदूर से पूजन करें। इस दौरान अपने शीघ्र विवाह की कामना व्यक्त करें। इससे शनि दोष समाप्त होगा और विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त होंगी।

शनि का दुष्प्रभाव कम करने हेतु – जन्मकुंडली में यदि शनि से संबंधित कोई भी दोष है तो शमी के पौधे को घर में लगाना और प्रतिदिन उसकी सेवा-पूजा करने से शनि की पीड़ा समाप्त होती है। जिन लोगों को शनि की साढ़े साती या ढैया चल रहा हो उन्हें नियमित रूप से शमी के पौधे की देखभाल करना चाहिए। उसमें रोज पानी डालें, उसके समीप शाम के समय दीपक लगाएं। शनिवार को पौधे में थोड़े से काले तिल और काले उड़द अर्पित करें। इससे शनि की साढ़ेसाती का दुष्प्रभाव कम होता।

ज्योतिर्विद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो.9993874848

(अस्वीकरण: प्रस्तुत लेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं जिनकी पुष्टि प्राथमिक मीडिया नहीं करता है, कृपया अपने बुद्धि-विवेक से इनका अनुसरण करें। लेखक से संपर्क करने के पश्चात उनके द्वारा सुझाए गए किसी भी उपाय या दी गई सलाह या अन्य किसी लेन-देन के लिए प्राथमिक मीडिया उत्तरदायी नहीं होगा। )

करवा चौथ के बाद दंपतियों ने मनायी “पॉटलक पार्टी”

कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सुहागन स्त्रियाँ करवा चौथ का व्रत रखती हैं। इस दिन वे पति की लंबी उम्र की कामना लिए निर्जला उपवास करती हैं। जो रात को चंद्रमा के दर्शन के बाद ही खोला जाता है। करवा चौथ एक व्रत अवश्य है लेकिन स्त्रियाँ इस व्रत को इस तरह मिलकर मनाती हैं कि अब ये एक त्यौहार बन गया है। यही नहीं, बहुत से पुरुष भी इस दिन अपनी पत्नियों के निर्जल उपवास में सहभागी बनकर उन्हें मानसिक संबल प्रदान करते हैं।

गढ़ा स्थित गंगानगर चंदन कॉलोनी में भी दंपतियों ने इसी तरह करवा चौथ मनाया। कुछ पुरुषों ने अपनी पत्नियों का साथ देने के लिए उपवास भी रखा। खास बात ये रही कि यहाँ दंपति जोड़ों ने एक साथ इस व्रत का पूजन भी किया और व्रत खोलने के बाद एक साथ “पॉटलक पार्टी” भी की। सतीश दुबे ने बताया कि सामूहिक रूप से सभी जोड़ों ने चंद्रमा दर्शन के बाद करवा चौथ का व्रत खोला और अपने-अपने घरों से लेकर आए स्वादिष्ट व्यंजनों को एक-दूसरे के साथ बाँटते हुए पॉटलक पार्टी की। उनका मानना है कि कोई भी व्रत, पर्व या त्यौहार हो, इस तरह मिलकर मनाने से आपस में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है। इन दंपतियों में निकिता सतीश दुबे, नमिता रघु यादव, निशा प्रीतम सेन, अंजना नितिन सेन और संगीता अशोक निर्मलकर शामिल रहे।

सीवर लाइन का काम, सड़क और पानी की लाइन का काम तमाम

जबलपुर, “बारिश इस बार दिवाली करके जाएगी”, पिछले दो दिन की बारिश के बाद लोगों से यही सुनने मिल रहा है। लेकिन स्मार्ट सिटी की लापरवाही करने की आदत कब जाएगी इसकी कोई समय सीमा तय नहीं है। हालांकि बारिश को शहर और शहरवासियों का जो हाल करना था उसने कर दिया है। अब बारी स्मार्ट सिटी की है। इसलिए स्मार्ट सिटी ने एक बार फिर ने शहर के कुछ इलाकों में सीवर लाइन डालने का काम शुरू कर दिया। सीवर लाइन डालने के काम में लापरवाहियाँ भी हिन्दी सिनेमा की नई फ़िल्म्स की तरह हैं। जैसे वो साउथ की फ़िल्म्स या फिर किसी पुरानी फिल्म की रीमेक होती हैं। वैसे ही स्मार्ट सिटी की लापरवाहियाँ भी पुरानी गलतियों की रीमेक है।


ये विडिओ गंगानगर, गढ़ा में सरस्वती शिशु मंदिर के पास वार्ड क्रमांक एक का है। जिसे क्षेत्रीय नागरिक द्वारा आज ही लिया गया है। उनसे प्राप्त विडिओ और जानकारी के मुताबिक उनके मोहल्ले की सड़क को कल सीवर लाइन डालने के लिए खोदा गया। खुदाई के दौरान वहाँ से गुज़रने वाली पाइपलाइन भी खुदाई की चपेट में आ गई और दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सीवर के लिए पाइप डालने के पश्चात उसे वहीं के मलबे से पूर दिया गया। दुर्घटनाग्रस्त पाइपलाइन से पानी बहता रहा जो थोड़ी देर बाद सड़क पर बहने लगा। मलबे का भी ठीक से समतलीकरण न होने की वजह से सड़क की हालत भी नासाज़ है।

समाचार लिखे जाने तक ठेकदार कंपनी के कुछ कर्मचारियों की एक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर लीकेज वाली जगह खुदाई करने लग गई। लेकिन थोड़ी ही देर में उन्होंने काम रोक दिया। ठेकेदार के कर्मचारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार वे लीकेज की मरम्मत करने आए थे लेकिन उनका प्लंबर पाटन चल गया। इस वजह से अब काम कल सुबह 9 बजे दुबारा शुरू होगा। आश्चर्य की बात ये है कि करोड़ों का ठेका लेने वाली गुजरात की कंपनी के पास पाइपलाइन सुधारने के लिए क्या एक ही पलंबर है?

अस्वीकरण: चूंकि समस्या पुरानी और घिसी पिटी है इसलिए अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए रोचक भाषा का प्रयोग किया गया है।

14 अक्टूबर की शाम टंकियों में नहीं आएगा पानी

नर्मदा जल प्रदाय योजनांतर्गत 120 एम.एल.डी. रमनगरा जल शोधन संयंत्र में स्थापित 1000 एम.एम. ब्यास के बटरफ्लाई वाल्व को बदलने का कार्य दिनांक 14 अक्टूबर 2022 दिन शुक्रवार को किया जाना है, जिसके चलते शुक्रवार को जबलपुर के कुछ क्षेत्रों में संयंत्र से भरी जाने वाली टंकियों में शाम को जलापूर्ति अवरुद्ध रहेगी।

ये हैं वो क्षेत्र – बिड़ला धर्मशाला, मेडीकल, त्रिपुरी, गुलौआ, रामेश्वरम्, मदर टेरेसा, मनमोहन नगर, सर्वोदय नगर, राईट टाउन, लक्ष्मीपुर, कोतवाली आनंद नगर, लेमा गार्डन, गोहलपुर, बेदी नगर, मोतीनाला, मिल्क स्कीम, किलकारी गार्डन तथा अमृत योजनांतर्गत कोंगवा, करमेता, शिवनगर, अमखेरा, रवीन्द्र नगर, सुहागी, खैरी, और देवताल उच्चस्तरीय टंकियों से सायंकालीन जलापूर्ति अवरूद्ध रहेगी।

यह जानकारी देते हुए नगर निगम के अधीक्षण यंत्री और जल विभाग के प्रमुख कमलेश श्रीवास्तव ने आगे बताया कि जिन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति नहीं होगी उन क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से नागरिकों को जलापूर्ति कराई जाएगी। क्षेत्रीय लोगों को होने वाली असुविधा के लिए महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’, जलप्रभारी एवं एम.आई.सी. सदस्य एकता गुप्ता और निगमायुक्त शेर सिंह मीना ने खेद व्यक्त किया है।

जीवंत रूप में देवियों की झांकी का हुआ तीन दिवसीय आयोजन

डिण्डौरी, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय डिण्डौरी के द्वारा बस स्टेण्ड के पास शारदेय नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया गया। प्रतिदिन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जेएन मरकाम ने दर्शनार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये झांकी बहुत ही अदभुंत है इसमें त्याग, तपस्या स्पष्ट रूप से झलक रहा है इससे स्व परिवर्तन की प्रेरणा मिल रही है यह जीवन जीने की कला है। वरिष्ठ कृषि अभियंता सेवा निवृत्त ओ.पी. दुबे ने भी इस दौरान अपने विचार व्यक्त किये। संस्था की संचालिका ब्र.कु. संगीता बहन ने बताया कि राजयोग की साधना से कामेन्द्रियों पर विजय प्राप्त करने से व्यसनों से मुक्त होने की शक्ति प्राप्त होती है। आपसी संबंधों में सकारात्मकता आती है। साथ ही मानवीय मूल्यों की जीवन में क्या महत्व है इसके बारे में जनसमूह को अवगत कराया। इस कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाने वाली देवी स्वरूपा बहन प्राची तिवारी मां दुर्गा, रोशनी कुशराम माँ लक्ष्मी, लीला उइके माँ सरस्वती, रंजू मरावी ब्रम्हाकुमारी, क्रीतिका दुबे माँ शैलपुत्री, अंजू कुशराम माँ महाकाली, भूमि तिवारी माँ नर्मदा। इन सभी कन्याओं ने तीनों दिन राजयोग के अभ्यास द्वारा देव स्वरूप् धारण कर एकाग्रता का जन समूह को परिचय दिया। इस अवसर पर अध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी एवं व्यसन मुक्त प्रदर्शनी के द्वारा ईश्वरीय सन्देश दिया। इस कार्यक्रम में संस्थान के जिला महामंत्री अवधराज बिलैया, मेकलसुता महाविद्यालय रजिस्ट्रार प्रदीप द्विवेदी, पीएन अवस्थी, आरवी सिंह राजूशा स्कूल, पत्रकार बन्धु और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

800 करोड़ रुपये की लागत वाले 20 एकड़ में फैले महाकाल लोक का लोकार्पण 11 को करेंगे प्रधानमंत्री

द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल भगवान महाकालेश्वर न केवल देश-प्रदेश बल्कि विश्व में प्रसिद्ध हैं। मोक्षदायी सप्तपुरियों में से एक अवन्तिका में विराजित हैं भगवान महाकाल की एक झलक पाने के लिये लाखों श्रद्धालु हर वर्ष यहाँ आते हैं। भगवान शिव से जुड़ी कथाओं, ज्ञान, भक्तिभाव और तन-मन शिवमय हो सके इसके लिये बनाया गया है ‘महाकाल लोक’। शासन द्वारा यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिये हर तरह की सुविधा का बंदोबस्त किया गया है। महाकाल लोक का लोकार्पण देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 11 अक्टूबर को किया जायेगा।

बनारस के कॉरिडोर की तर्ज पर हुआ निर्माण – प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बनारस के कॉरिडोर की तर्ज पर उज्जैन में यह निर्माण करवाया है। महाकाल लोक श्री महाकाल महाराज विकास योजना के प्रथम चरण के अन्तर्गत निर्मित हुआ है। वर्ष 2023 तक इस प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण के कार्य भी पूर्ण हो जाने की पूरी-पूरी संभावना है। आगामी 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री द्वारा महाकाल लोक आम श्रद्धालुओं के लिये खोल दिया जायेगा।

450 वाहनों की पार्किंग – महाकाल लोक की अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये है। महाकाल लोक पहुंचने के लिये चार भुजाओं वाले महाकाल ओवर ब्रिज से होकर त्रिवेणी संग्रहालय जाना होता है। संग्रहालय के ठीक सामने लगभग 450 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पार्किंग शेड के ऊपर सोलर पैनल लगाये गये हैं।

25 फीट ऊंची शिव की प्रतिमा – पार्किंग के ठीक सामने पिनाक द्वार है और उसके समीप स्थित है त्रिवेणी संग्रहालय। महाकाल लोक में प्रवेश करने के पहले नन्दी द्वार बनाया गया है। द्वार के बाहरी हिस्से में भगवान गणेश के दर्शन होते हैं। प्रवेश द्वार पर विशाल नन्दी की प्रतिमा बनाई गई है, जो कि अत्यन्त आकर्षक लगती है। इन्हें निहारते हुए महाकाल लोक में प्रवेश होता है। उल्लेखनीय है कि महाकाल लोक 900 मीटर लम्बे क्षेत्र में निर्मित किया गया है। महाकाल लोक के दाहिनी तरफ कमल ताल, शिव स्तंभ, सप्तऋषि परिसर, पब्लिक प्लाजा और नवग्रह परिसर बनाये गये हैं। यहां पर बैठक व्यवस्था की गई है। पास ही में कमल ताल है, जहां 25 फीट ऊंची शिव की प्रतिमा बनाई गई है।

लोटस पोंड, ओपन एयर थिएटर तथा लेकफ्रंट एरिया और ई-रिक्शा व आकस्मिक वाहनों हेतु मार्ग भी पूर्ण हो चुका है। बड़े रूद्र सागर की झील में स्वच्छ पानी भरा जायेगा और यह सुनिश्चित किया गया है कि इस झील में गन्दा पानी बिल्कुल न मिलने पाये।

महाकाल लोक में बनी प्रतिमाएं, फव्वारे और आसपास की हरियाली आकर्षित करती है। कोबल्ड स्टोन की रोड क्रॉसिंग के जरिये पदयात्रियों की कनेक्टिविटी विकसित की गई है। पैदल चलते हुए शिव, देवी और श्रीकृष्ण से जुड़ी प्रतिमाएं नजर आती हैं। चित्रों के नीचे सम्बन्धित कथाएं भी अंकित की गई हैं। क्यूआर कोर्ड भी बनाये गये हैं, जिन्हें मोबाइल से स्केन कर कथा सुनी जा सकती है। इनमें शिव बारात का आकर्षक चित्रण किया गया है। एक शिल्प में कैलाश पर्वत को रावण ने उठा रखा है। कैलाश पर शिव परिवार भी विराजित है। एक शिल्प में देवी की नृत्य मुद्रा बनाई गई है।

सप्तऋषि परिसर में ऋषियों की विशाल प्रतिमाओं के दर्शन के साथ उनके बारे में आवश्यक जानकारी दी गई है। त्रिपुरासुर वध का चित्रण विशाल शिल्प में किया गया है। यहां रथ पर सवार भगवान शिव त्रिपुरासुर का वध कर रहे हैं।

पिनाक द्वार उनके लिये है जो सीधे मन्दिर में प्रवेश करना चाहते हैं। यह पौराणिक रूद्र सागर का घाट है। रूद्र सागर में लाईट एण्ड साउण्ड शो, लेजर शो और वाटर कर्टन शो दिखाये जायेंगे।

पूरे कॉरिडोर में देश की सबसे लम्बी भित्ति चित्र वाली दीवार है। इस दीवार पर पत्थरों पर शिव कथाएं उकेरी गई हैं। महाकाल लोक दो हिस्सों में बना है। एक तरफ पैदल पथ और दूसरी तरफ ईकार्ट पथ। बच्चे, वृद्ध, दिव्यांग और महिलाओं के लिये ईकार्ट की व्यवस्था नि:शुल्क की गई है। दोनों पथ के बीच 108 शिवस्तंभ शिव की विभिन्न मुद्राओं सहित निर्मित हैं, जो अलग ही छटा बिखेर रहे हैं। यह स्तंभ साधारण नहीं है, हर स्तंभ पर शिव की नृत्य मुद्रा अंकित है। इन्हीं पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाये गये हैं।

महाकाल लोक में शॉपिंग कॉम्पलेक्स भी बनाया गया है, जहां फूल, प्रसाद से लेकर धर्म और संस्कृति से जुड़ी विभिन्न वस्तुओं की दुकानें हैं। कॉम्पलेक्स के समीप फेसिलिटी सेन्टर क्रमांक-2 स्थित है, जहां जूते, चप्पल और बैग जमा करने की व्यवस्था की गई है। समीप ही शौचालय और नाश्ते तथा शुद्ध पेयजल की व्यवस्था भी की गई है।

महाकाल लोक में देश का पहला नाईट गार्डन बनाया गया है, जहां दिन में भी रात्रि का एहसास होता है। गोलाकार नाईट गार्डन के बीच शिव की विशाल ध्यानमग्न प्रतिमा बनाई गई है। इसके ठीक सामने के हिस्से में नीलकंठ परिसर है। लगभग 20 एकड़ में फैले महाकाल लोक में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। रात्रि के समय जब मूर्तियों और म्युरल्स पर रोशनी पड़ती है तो पूरा लोक स्वर्णिम आभा से चमकने लगता है।

महाकाल लोक के लोकार्पण समारोह के दिन इंदौर में आयोजित होंगे धार्मिक कार्यक्रम

उज्जैन में 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में महाकाल लोक के लोकार्पण समारोह के लिए इंदौर में भी तैयारियां जारी है। महाकाल लोक के भव्य और दिव्य लोकार्पण समारोह का साक्षी इंदौर भी बनेगा। इस दिन इंदौर के लगभग सभी मंदिरों और धार्मिक संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। पूरा इंदौर भक्ति, उल्लास और उमंग से सराबोर रहेगा। कार्यक्रम आयोजन की तैयारियों के सिलसिले में आज रविंद्र नाट्य गृह में विभिन्न मंदिरों के संचालकों और धर्मगुरुओं तथा धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक सम्पन्न हुई।

यह बैठक कलेक्टर मनीष सिंह के निर्देशानुसार आयोजित की गई। इस बैठक में सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सभापति मुन्नालाल यादव, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे, नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल, गौरव रणदिवे, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, अपर कलेक्टर पवन जैन, अभय बेडेकर तथा राजेश राठौर सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, महापौर परिषद के सदस्य, पार्षदगण भी मौजूद थे। बैठक में राज्य शासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के पालन में की जाने वाली व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। साथ ही इंदौर जिले में स्थित सभी मंदिरों के संचालकों को उनके द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया गया।


सांसद लालवानी ने कहा कि 11 अक्टूबर का आयोजन इतिहास के स्वर्णिम अध्याय में लिखा जायेगा। इस कार्यक्रम में हम साक्षी बने यह हमारे लिये गौरव का विषय रहेगा। कार्यक्रम के आलौकिक प्रभाव का सभी को अनुभव करना चाहिए। इसके लिये जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने कहा‍ कि केन्द्र सरकार द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये विशेष प्रयास किये जा रहे है। इंदौर में भी धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं है। महाकालेश्वर एवं ओंकारेश्वर को मिलाकर इंदौर के आस-पास के क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाने के प्रयास होंगे।

जबलपुर के नए R.T.O. बने जितेंद्र रघुवंशी

10 अधिकारियों का हुआ तबादला, 3 को मिला अतिरिक्त प्रभार

परिवहन मंत्रालय भोपाल के द्वारा जारी किए गए आदेश के अनुसार कुल 10 अधिकारियों का तबादला किया गया है एवं 3 अधिकारियो को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, हालांकि यह पदस्थापन अस्थायी है, जितेंद्र रघुवंशी को क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी इंदौर से तबादला देकर प्रभारी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जबलपुर बनाया गया ।

देखिये आदेश 👇

युवती की सूझबूझ से पकड़ा गया नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला

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राजस्थान की कंपनी का लालच देकर मांगे थे रुपए

मोबाइल में मिली कई लड़कियों से चैट, निकिता की सजगता से बच गईं कई लड़कियां

  • राजस्थान से ठगी करने आया था जबलपुर
जबलपुर – थाना ओमती में निकिता बाजपेयी उम्र 23 वर्ष निवासी यादव कालोनी की अपने साथी के साथ हेमराज सुमन को को पकड़ कर लायी एवं रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह पढ़ाई करती है दिनांक 27/09/22 को उसके व्हाटएप नम्बर में अज्ञात मोबइल नम्बर से मैसेज आया जिसके संबंध में उसके द्वारा मैसेज के माध्यम से पूछताछ की तो मैसेज करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम हेमराज सुमन, लेजर कम्पनी, जयपुर (राजस्थान ) का होना बताते हुये बताया कि मैं लेजर कम्पनी में होम वर्क करने हेतु लड़कियों की भर्ती करता हूॅ, उसनेे कहा कि तुम्हें नही जानती हॅू तो हेमराज बोला कि मै जिला बांरा (राजस्थान) का रहने वाला हूँ और जबलपुर आ रहा हूँ । दूसरी बार दिनांक 01/10/22 को मैसेज किया और कहा कि मै जबलपुर आ गया हूँ, अपने दस्तावेज लेकर आ जाओ तो वह इंडियन काफी हाउस के पास अपने दोस्त अभिषेक ठाकुर के साथ हेमराज से मिलने गई जहां पर उससे नौकरी लगाने औऱ कुछ रुपयों के साथ सभी दस्तावेज मांगा तो वह दस्तावेज दूसरे दिन देने का कहकर वापस घर आ गई थी। दिनांक 02/10/22 के दोपहर लगभग 12-30 बजे मैसेज कर हेमराज सुमन ने नौदरा ब्रिज साहनी होटल के पास अकेले आने को कहा तो वह अपने दोस्त अभिषेक ठाकुर के साथ नौदरा ब्रिज में हेमराज सुमन से मिलने पहुंची जहां पर पुनः हेमराज सुमन नें दस्तावेज मांगे, उसने नौकरी के संबंध में हेमराज से विस्तार से जानकारी माँगी तो हेमराज सकपकाने लगा, संदेह होने पर उसने एवं उसके साथी अभिषेक ठाकुर ने सख्ती से पूछताछ की और हेमराज का मोबाईल चेक किया तो कई लड़कियों के साथ व्हाटएप में बात होने के सबूत मिले है। निकिता बाजपेई की शिकायत पर हेमराज सुमन के मोबाईल को चैक किया तो कई लड़कियों से बात करने तथा नौकरी लगाने के व्हाटएप मैसेज मिले है। हेमराज सुमन से मोबाईल जप्त करते हुये धारा 420 भादवि तथा 66 (क) आई.टी. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर हेमराज सुमन उम्र 27 वर्ष निवासी मोहल्ला खेडी थान अतरू बारां राजस्थान को अभिरक्षा मे लेते हुये प्रकरण विवेचना में लिया गया।