आज कैंट विधायक अशोक रोहाणी ने अपने क्षेत्र की जनता की लगातार चिंता करते हुए आज वीर सावरकर मंडल दीवान आधारसिंह वार्ड में होने वाले विकास कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक रोहाणी के साथ निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, पार्षद बाबा श्रीवास्तव, सर्वेश मिश्र, विजय शंकर शुक्ला, राजू चौरसिया, वार्ड के सभी वरिष्ठ कार्यकर्ता बूथ प्रभारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। विधायक अशोक ईश्वरदास रोहाणी ने केंट क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों के अंतर्गत सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, सामुदायिक भवन के ठीक पीछे अमृत योजना के तहत पानी की टंकी के निर्माण के लिए स्थल का निरीक्षण और जवाहर नगर की रोड का निरीक्षण करते हुए समय पूर्व बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारीयों को दिए। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।
दुनिया की लाइलाज बीमारियों में से एक है कैंसर। जिसकी चपेट में आने के बाद रोगी की हालात बद से बदतर हो जाती है। अंग्रेज़ी चिकित्सा पद्धति यानि एलोपैथी में कैंसर के लिए इलाज तो उपलब्ध है लेकिन वो भी कैंसर को जड़ से समाप्त करने का दावा नहीं करता। हालाँकि इस इलाज के ज़रिये कई रोगियों ने कैंसर को हराया है तो कुछ इलाज के दौरान ही इतने कमज़ोर हो जाते हैं कि डॉक्टर भी हाथ खड़े कर लेते हैं। कीमोथेरेपी और रेडियेशन से मिलने वाला इलाज पीड़ादायक तो होता है लेकिन कैंसर जैसी ख़तरनाक बीमारी का सामना करने के लिए मरीज़ इस पीड़ा को सहने के लिए भी तैयार रहते हैं। मुश्किल होती है तो रोगी के परिजनों को जो अपने सामने मरीज़ की बनती-बिगड़ती हालत के उतार-चढ़ाव को देखते हैं।
लेकिन क्या विश्व की प्राचीनतम सभ्यता और चरक संहिता की जननी इस भारतभूमि पर कैंसर का इलाज उपलब्ध नहीं है? इस सवाल की खोज करते हुए हम पहुँचे मध्य प्रदेश के गाँव कान्हावाड़ी जो घोड़ाडोंगरी नामक रेलवे स्टेशन से लगभग 4-5 किलोमीटर दूर है। अगर आप सड़क के रास्ते आ रहे हैं तो आपको मध्यप्रदेश के बैतूल ज़िले में स्थिति कान्हावाड़ी गूगल मैप पर ढूंढना चाहिये। इस गाँव में पिछली कई पीढ़ियों से वैद्य बाबूलाल भगत के पूर्वज कैंसर और अन्य लाइलाज बीमारियों की आयुर्वेदिक दवाई देते आ रहे हैं। ख़ास बात ये है कि इसके लिए वो किसी भी तरह की कोई फ़ीस नहीं लेते। वो बस रोगियों से दवा को एकदम समय से देने और कड़ाई से परहेज़ करने के लिए कहते हैं। बाबूलाल के अन्य सहयोगी रोगियों को दवा वितरित करने में उनका सहयोग करते हैं। यहाँ आने वाले रोगियों की तादाद इतनी ज़्यादा होती है कि यहाँ के वैद्य को जड़ी-बूटियां पीसने का समय नहीं मिल पाता। इसलिए मरीज़ और उनके परिजनों को दवाई तैयार करने की विधि बताई जाती है और साबुत जड़ी-बूटियां ही दी जाती हैं। ऐसे में दवाईयों में स्टेरोइड होने की संभावना पूरी तरह ख़त्म हो जाती है। बाबूलाल सप्ताह में दो दिन यानि रविवार और मंगलवार को ही दवाई वितरित करते हैं और अन्य दिनों में वे कुछ जड़ी-बूटियाँ लेने स्वयं जाते हैं।
जब कोई मरीज स्वस्थ हो जाता है तो वो या उसके परिजन फोटो समेत अपनी बीमारी के ठीक होने का पत्र यहाँ भेंट करता है। वैसे तो यहाँ से इलाज करवाने वाले काफी लोगों ने बाबूलाल की दवा से ठीक होने का दावा किया है। उनमें से ही हम कुछ आपके लिए यहाँ लेकर आ रहे हैं। कैंसर पीड़ित मरीज के परिजन बताते हैं कि उनकी सास को कैंसर होने के बाद कीमोथेरेपी से गुज़रना पड़ा था, जिसके बाद वो बेहद कमजोर हो चुकी थीं। ऐसा लग रहा था कि अंग्रेजी इलाज का विपरीत असर हो रहा था। जब कीमो के बाद चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए तब वो अपनी सास को यहाँ लेकर आए जिसके बाद उन्हें स्थायी लाभ मिला। खैर, यहाँ कुछ लोग ये कह सकते हैं कि अंग्रेजी दवा ने अपना असर देर से दिखाया लेकिन एक अन्य मामले में सिवनी ज़िले की 65 वर्षीय महिला को पैंक्रियाटिक कैंसर के गंभीर लक्षण दिखने के बाद उसके परिजनों ने बिना देर किए यहाँ इलाज करवाना शुरू किया। शुरुआत में मरीज को बहुत कम आराम मिला। जिसका कारण वैद्य ने समय पर दवा का सेवन नहीं करना बताया। इसके बाद मरीज के परिजनों ने एकदम समय पर दवाईयों का सेवन सुनिश्चित किया। जिसके बाद प्रारम्भिक एक सप्ताह में मरीज स्वयं के दैनिक कार्यों को आसानी से सम्पन्न करने में सक्षम हो गया। लगभग 2 माह के इलाज में मरीज स्वस्थ हो गया। ऐसे यहाँ हज़ारों मामले हैं जिसमें मरीज़ों को लाभ मिला है। कई मामलों में दूसरी और तीसरी स्टेज के कैंसर में मरीज़ स्वस्थ हुए हैं और किसी में तो अंतिम स्टेज का कैंसर भी ठीक हुआ है। यहाँ सबके बारे में बताना संभव नहीं है।
मरीज़ों के अलावा यहाँ आने वाले ऐसे भी लोग हैं जो अपने ज़िले से सिर्फ मरीज लाने का काम करते हैं। यवतमाल के एक ड्राइवर पिछले आठ साल से 18 पेशेंट लेकर आ चुके हैं। जिन्होंने अपनी आँखों से सबको ठीक होते हुए देखा है उनमें से किसी को ब्रेस्ट केन्सर था, किसी को गाल का कैंसर का था। उनके लाये हुए मरीज़ ठीक होते रहे इस वजह से वो अब तक मरीज़ों को यहाँ लेकर आ रहे हैं।
वैद्य बाबूलाल भगत
कैंसर के अलावा अन्य असाध्य रोगों की भी देते हैं दवा – यहाँ आने वाले अधिकतर लोग ऐसा दावा करते हैं मेडिकल साइंस जिस बीमारी को पकड़ नहीं पाता ऐसे असाध्य बीमारियों का भी वैद्य बाबूलाल भगत इलाज करते हैं। इसके अलावा जिन दंपतियों को लंबे समय से संतान नहीं हुई है उसके लिए भी ये दवा देते हैं। वैद्य बाबूलाल कहते हैं कि कुछ दुर्लभ जड़ी-बूटियाँ कठिनाई से उपलब्ध होते हैं इसलिए वे दवाईयों के नियमित और समय पर सेवन के लिए ज़ोर देते हैं ताकि मरीज़ों को शीघ्रता से लाभ हो।
प्राथमिक मीडिया की पड़ताल में ये बात सामने आयी कि मरीज और परिजन तमाम बीमारियों के ठीक होने का श्रेय वैद्य बाबूलाल भगत को देते हैं। यहाँ मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तरप्रदेश से भी लोग आते हैं। लेकिन मार्केटिंग, विज्ञापन और प्रचार-प्रसार के दौर में आयुर्वेद पीछे छूटता जा रहा है। बड़ी-बड़ी दवा कंपनियां बुखार की दवाओं के प्रचार के लिए करोड़ों के उपहार ही बाँट देती हैं। वहीं वैद्य बाबूलाल मरीज़ों को निःशुल्क दवा दे रहे हैं। ऐसे में शासन को आयुर्वेद के द्वारा लोगों का उपचार करने वाले बाबूलाल जैसे वैद्यों को बढ़ावा देने के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।
(अस्वीकरण- प्रस्तुत जानकारी देने में बेहद सावधानी बरती गई है। लेकिन मरीज़ के संबंध में कोई निर्णय या इलाज लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। इससे संबंधित जान-माल की हानि के लिए प्राथमिक मीडिया जिम्मेदार नहीं होगा।)
इंडियन यूथ काँग्रेस (आईवायसी) ने थोड़ी देर पहले एक ट्वीट करके गुजरात में शराबबंदी की पोल खोल दी है। इस ट्वीट में आईवायसी ने एक विडिओ का छोटा सा क्लिप ट्वीट किया है जिसमें कुछ एक महिला टीवी एंकर के पास कुछ शराबी पहुँच जाते हैं। और वो भाजपा पोरबंदर के प्रवक्ता विजय वादुकर से कहतीं है कि “गुजरात में शराबबंदी है लेकिन मुझे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि मुझसे जो बात करने आ रहे हैं वो सब शराब पी हुई है उन्होंने!”, यह सुनकर भाजपा प्रवक्ता की बोलती बंद हो जाती है जिस पर चुटकी लेते हुए पोरबंदर कॉंग्रेस के प्रवक्ता कहते हैं “गुजरात में शराबबंदी सिर्फ कागज़ पर है”। दरअसल ये विडिओ क्लिप गुजरात के पोरबंदर में एक नैशनल टेलिविज़न के डिबेट शो का बहुत छोटा सा हिस्सा है जिसमें टीवी एंकर स्थानीय लोगों से राजनीतिक पार्टियों की उनके क्षेत्र में उपलब्धि और उनसे अपेक्षाओं की बात कर रही हैं। उसे दौरान कुछ शराबी भी वहाँ पहुंचकर टीवी एंकर के माइक पर अपना मत रखने की कोशिश करते हैं। लेकिन वो महिला एंकर शराब की दुर्गंध और उन लोगों के व्यवहार से थोड़ा झेंप जाती हैं और गुजरात में शराबबंदी की पोल खोल देती हैं। यहाँ वो ट्वीट दिया जा रहा है। जिसमें विडिओ भी है।
बीते दिनों गुरुवार को भेडाघाट में धुआँधार पहाड़िया, जामुन के पेड के पास पत्थरों में मृत मिले व्यक्ति की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। पुलिस के मुताबिक मृतक रामवरण कि पत्नि ने अपने प्रेमी मुकेश से अपने पति की हत्या करवायी थी। मृतक की आरोपी पत्नि प्रीति रजक ने पूछताछ में बताया कि उसका पति आये दिन शराब पीकर मारपीट करता था। जिससे तंग आकर उसने अपने प्रेमी से अपने पति की हत्या करवा दी।
खुद दर्ज करवाई लापता की रिपोर्ट – गुरुवार की सुबह भेडाघाट थाना प्रभारी शफीक खान को अज्ञात व्यक्ति की लाश धुआंधार की पहाड़ियों में पाए जाने की सूचना मिली। जिसके ऊपर एक बडा पत्थर रखा था और पेट से खूनबहकर जमीन पर फैला हुआ था। सूचना देने वाले 20 वर्षीय दुर्गेश बर्मन ने बताया कि वह मछली मारने का काम करता है। सुबह 4 बजे नर्मदा नदी से मछली मारकर अपने घर में लाकर रखकर, मछली में ठंडक बनाये रखने के लिये धुआधार की पहाडिया में जामुन की पत्ती लेने सुबह 7 बजे आया था जहॉ उसने देखा कि जामुन के पेड के पास पत्थरों के उपर एक व्यक्ति मृत अवस्था मे पड़ा था। अज्ञात मृतक की पहचान रामवरण रजक उम्र 40 वर्ष निवासी कृष्णा कालोनी माढोताल के रूप में हुई। जिसके बारे में थाना माढेाताल में उसे दिन दोपहर 12 बजे मृतक कि पत्नि प्रीति रजक उम्र 33 वर्ष निवासी कृष्णा कालोनी ने रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसका पति एक दिन पहले सुबह लगभग 8 बजे लापता है।
क्यूँ और कैसे हुई हत्या – जांच के दौरान मिले हुए सुराग पुलिस को मृतक की पत्नि के प्रेमी मुकेश बर्मन पिता सुरेश वर्मन उम्र 31 वर्ष निवासी गोल बाजार तक ले गए। जिससे पूछताछ में पता चल कि मुकेश और रामवरण की पत्नि एक साथ गोलबाजार में साफ सफाई का काम करते थे। जान पहचान होने के कारण दोनो में प्रेम सम्बंध हो गये थे। रामवरण रजक एकलव्य स्कूल में माली का काम करता था और शराब पीने का आदी था, वो आये दिन पत्नि के साथ मारपीट करता था। जिससे तंग आकर पत्नि प्रीति रजक ने मुकेश बर्मन से कहा कि रामवरण को मार दो, मै तुम्हारे साथ रहूंगी। जिस पर मुकेश राजी हो गया और योजना के मुताबिक मुकेश बर्मन शराब पिलाने के बहाने से रामवरण रजक को अपनी मोटर सायकिल में बैठाकर भेडाघाट ले गया जहॉ धुआधार के पास चट्टानों और झाडियों के बीच बैठकर दोनों ने शराब पी। उसने रामवरण को अधिक शराब पिलाई। जब रामवरण नशे की हालत मे लेट गया तो रामवरण के सिर पर पत्थर पटक कर और पेट मे चाकू से हमला कर रामवरण की हत्या कर दी। चाकू को झाडियों में फेंककर रामवरण का टिफिन, मोबाईल, जैकिट, पर्स लेकर अपनी मोटर सायकिल से भेडाघाट से गोलबाजार पहुंचा। उसने मृतक की पत्नि प्रीति रजक को शाम को अपनी मोटर सायकिल मे बैठाकर विजय नगर स्थित मुस्कान प्लाजा के पीछे खाली प्लाट में ले गया। जहॉ उसने बताया कि उसने रामवरण को मार दिया है। अपने साथ लाये टिफिन, मोबाईल, जर्किन साथ ले जाने को बोला तो प्रीति रजक ने यह कह कर मना कर दिया कि बच्चे पहचान जायेंगे। इसलिए उसने टिफिन और जर्किन वहीं प्लाट में फेक दी, मोबाईल अपने पास रख लिया और प्रीति को कृष्णा कालोनी मे छोडकर अपने घर चला गया।
आरोपी मुकेश बर्मन की निशानदेही पर घटना मे प्रयुक्त चाकू, मोटर साईकिल, मृतक का मोबाईल, जर्किन, खाने का टिफिन जप्त करते हुये आरोपी पत्नि प्रीति रजक और प्रेमी मुकेश बर्मन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
हत्या का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में भेडाघाट थाना प्रभारी शफीक खान, उप निरीक्षक आर.बी. मिश्रा, अशोक त्रिपाठी, राजेश धुर्वे, प्रधान आरक्षक रूपेश सिह, दिनेश डहेरिया, जयशंकर, आरक्षक भानु प्रताप की सराहनीय भूमिका रही।
कागज़, इंसान के जन्म से लेकर मरने तक उसकी पहचान कराने के लिए सबसे ज़रूरी चीज़। ऐसे में किसी सरकारी कागज़ पर सोचिए अगर किसी का नाम या उपनाम गलत प्रिन्ट हो जाए तो कभी-कभी उसे सुधारवाने में एड़ियाँ घिस जाती हैं। ऐसा ही एक मामला पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां राशन कार्ड पर एक शख्स का उपनाम गलत प्रिन्ट हो गया। जब काफ़ी मशक्कत के बाद उसमें सुधार नहीं किया गया तो उसने विरोध करने का अनोखा तरीका ढूंढ निकाला जो आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यूजर्स भी पीड़ित व्यक्ति के सपोर्ट में नजर आए। देखिए विडिओ
https://youtu.be/0G7TLzHOF-8
ये वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का बताया जा रहा है। वीडियो में देख सकते हैं कि शख्स अधिकारी के सामने एक कुत्ते की तरह व्यवहार कर रहा है और कुछ कहने की कोशिश कर रहा है। दरअसल शख्स का नाम राशन कार्ड में गलत लिख दिया गया है जिसकी वजह से शख्स अधिकारी की गाड़ी के खिड़की के समीप आकर अनोखा विरोध कर रहा है। शख्स का नाम श्रीकांति दत्ता है लेकिन राशन कार्ड में शख्स का सरनेम दत्ता से कुत्ता लिख दिया गया है। अब पीड़ित शख्स कुत्ते की तरह ही भौंक कर अपना विरोध दर्ज करा रहा है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लेकिन सोचिए कि उस पीड़ित व्यक्ति के बर्दाश्त की हद कहाँ पहुँच गई होगी कि उसे ये रास्ता अपनाना पड़ा?
जबलपुर के मेखला रिसॉर्ट में हुई युवती की हत्या का आरोपी राजस्थान से कल गिरफ्तार कर लिया गया। पिछले 10 दिन से युवक एक राज्य से दूसरे राज्य लगभग 4000 किलोमीटर की यात्रा कर चुका था। लेकिन जबलपुर पुलिस लगातार उसके बैंक एटीएम ट्रांजैक्शन और सायबर सेल की मदद से युवक को ट्रैक करते हुए पीछा करती रही। परिणामस्वरूप युवक को अजमेर के पास स्वरूपगंज से पकड़ लिया गया। युवक के पास से मृतका का मोबाइल, एटीएम कार्ड, कान की बाली और डेढ़ लाख रुपए नकदी जब्त की गई है।
पहली सफलता: मेखला रिसोर्ट से मिली आईडी के मुताबिक आरोपी अभिजीत पाटीदार का जबलपुर कोतवाली में भी पहले का अपराध दर्ज है। जिसमें उसका पता गलत दर्ज होने की वजह से फिंगर प्रिंट निरीक्षक अखिलेश चौकसे ने घटनास्थल पर मिले फिंगर प्रिंट का मिलान करके नेफिस सिस्टम की मदद से उस युवक की असली पहचान निकाली। जिससे युवक की पहचान आरोपी हेमंत भदाणे पिता राजेन्द्र भदाणे उम्र-29 वर्ष निवासी राधाकण्ण नगर नासिक महाराष्ट्र के रूप में हुई जो कि आदतन मोटर सायकिल चोरी करने का आरोपी है। जिस पर पहले सही 37 मामले पंजीबद्ध हैं।
हत्या करने के बाद आरोपी युवक ने 7 नवंबर को टैक्सी से लखनादौन जाते वक्त मृतका के एटीएम से भी पैसे निकाले। जिसके बाद साइबर सेल के माध्यम से उसकी लोकेशन और बैंक ऑफ महाराष्ट्र के द्वारा एटीएम ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया जाने लगा। सायबर सेल के माध्यम से भी आरोपी तक पहुंचने का हर संभव प्रयास किये जा रहे थे । आरोपी लगातार अपना स्थान बदल रहा था जो पिछले 10 दिनो में लगभग 4000 कि.मी. एक राज्य से दूसरे राज्य भाग कर प्रतिदिन मृतिका के ए.टी.एम से 20 हजार रूपये निकाला करता था।
जबलपुर पुलिस पहुंची देश के अलग अलग हिस्सों में – आरोपी का पीछा करते हुये उप निरीक्षक अभिषेक कैथवास, आरक्षक हरिसिंह क्राईम ब्रांच के सहायक उप निरीक्षक धनंजय सिंह, म्रदुलेश शर्मा, प्रभारी आरक्षक शेषनारायण, आरक्षक मुकुल गौतम, मुकेश परिहार और सायबर सेल के आरक्षक नवनीत चक्रवर्ती की टीम पहले नागपुर गई। जो बाद बिहार तक उसका पीछा करती रही। सूरत गुजरात में उप निरीक्षक अनिल गौर , प्रभारी आरक्षक सुग्रीव तिवारी, आरक्षक अरविन्द बालाराम को भेजा गया। साथ ही अजमेर राजस्थान, चण्डीगढ पंजाब में ओपन निरीक्षक रजनीश मिश्रा, आरक्षक त्रिलोक, आरक्षक हरिसिंह, अभिदीप भट्टाचार्य, आनंद यादव को भेजा गया।
4 दिन, पांच राज्यों की पुलिस, सैकड़ों फुटेज और हजारों किलोमीटर की यात्रा – इस खोजबीन के दौरान उप निरीक्षक रजनीश मिश्रा की टीम द्वारा आरोपी के रिवाड़ी हरियाणा, हिमाचलप्रदेश, चण्डीगढ, राजस्थान के अलवर, अजमेर, सिरोही तक लगातार 4 दिनों तक लगभग 3500 कि.मी. तक पीछा करते हुये सी.सी.टीव्ही फुटेज खंगाले, बस स्टैण्ड और होटल चैक किये गये। इस दौरान विभन्न राज्यों में पदस्थ आई.पी.एस. अधिकारी मृदुल (चण्डीगढ), मनंदिर सिंह (पंजाब), काम्या मिश्रा (बिहार), श्रैनिक लोधा (महाराष्ट्र) के द्वारा तत्काल जरूरी मदद उपलब्ध करवाई गई।
17 नवंबर की सुबह जबलपुर पुलिस को आरोपी की लोकेशन अजमेर में पता चली जिसके बाद पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा ने अजमेर के पुलिस अधीक्षक चूनाराम और बरगी नगर पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला ने आई.पी.एस. सुमीत मेहरडा से सर्म्पक कर आरोपी के संबंध में जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक अजमेर ने एसडीओ की वजह सिंह के नेतृत्व में टीम गठित कर अजमेर कई एटीएम से आरोपी द्वारा पैसे निकाले जाने का सीसीटीवी फुटेज चेक करवाया। आसपास पूछ्ताछ करने पर आरोपी के बस में बैठकर अजमेर से बाहर जाने की जानकारी लगी। इसके बाद स्वरूपगंज में वाहन चेकिंग के दौरान स्वरूपगंज थाना प्रभारी हरि सिंह राजपूत ने आरोपी को कल पकड़ लिया।
आऱोपी ने पूछताछ में भी अपना नाम हेमंत भदाणे पिता राजेन्द्र भदाणे उम्र-29 वर्ष निवासी राधाकृष्ण नगर, नासिक, महाराष्ट्र बताया। हत्या के संबंध में उसने पूछने पर बताया की वो मृतिका शिल्पा से प्रेम करता था, शिल्पा के व्हाट्सएप में अन्य पुरूष के साथ फोटो देखने पर चरित्र पर शंका होने पर उसे समझाने का प्रयास किया, क्योकिं वह मृतिका शिल्पा से शादी करना चाहता था लेकिन जब भी शिल्पा को फ़ोन करता शिल्पा का मोबाईल हमेशा व्यस्त होने से संदेह ओैर गहराता गया। इस वजह से उसने उसकी ब्लेड से हत्या कर दी और हत्या करने के बाद मृतिका का मोबाईल, ए.टी.एम कार्ड, चैन, कान की बाली लेकर भाग गया। आऱोपी हेमंत भदाणे के कब्जे से मृतिका का मोबाईल, ए.टी.एम कार्ड, चैन, कान की बाली, एटीएम से निकाली नगदी 1 लाख 52 हजार 450 रूपये जब्त कर लिए गए हैं।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अधिकारियों का रहा महत्वपूर्ण सहयोग- बैंक आफ महाराष्ट्रा जबलपुर के जोनल हैड ओमकार कुमार और सीनियर मैनेजर भिषेक जैसवाल से चर्चा करते हुये मृतिका के खाते से एटीएम के माध्यम से आरोपी के द्वारा निकाले जा रहे रूपयों के सम्बंध में जानकारी ली गयी। जिन्होंने प्राथमिकता के आधार पर चाही गयी सभी जानकारियां वैधानिक रूप से उपलब्ध करायी।
जबलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तमाम राज्यों की पुलिस को आरोपी को पकड़ने में दी गई सहायता के लिए प्रेस कांफ्रेंस के दौरान धन्यवाद दिया।
विदित हो कि अपने आप को अभिजीत पाटीदार बताने वाले आरोपी ने युवती की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर युवती की खून से सनी हुई लाश के साथ अपना वीडियो डाला था, जिसमे वो बेवफाई ना करने की चेतावनी दे रहा था। विडिओ वायरल होने के बाद मामले को लेकर लोगों में सनसनी फैल गई थी।
कल से मतदान केंद्रों में वोटर्स लिस्ट ड्राफ्ट नागरिकों के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी। जिसका प्रकाशन मतदाताओं की जानकारी सुधारने के बाद किया जाएगा। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2023 को मताधिकार के योग्य होने वाले या हो चुके मतदाताओं को इस लिस्ट में जोड़ने के लिए निर्देश जारी किए हैं।
अपर कलेक्टर और उप जिला निर्वाचन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने मुताबिक मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के साथ ही बुधवार 9 नवंबर से 8 दिसम्बर तक दावा-आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, प्रविष्टियों में संशोधन और नाम हटाने संबंधी दावे-आपत्तियां बीएलओ द्वारा मतदान केन्द्रों पर ही प्राप्त की जायेगी। प्राप्त दावा -आपत्तियों का निराकरण सोमवार 26 दिसंबर तक किया जाएगा साथ ही निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन गुरुवार 5 जनवरी 2023 को किया जाएगा।
विशेष कैंप का आयोजन: मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद ऐसे पात्र युवा जिनकी आयु 1 जनवरी, 1 अप्रैल 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर की स्थिति में 18 वर्ष पूर्ण हो चुकी है, अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकेंगे। यदि कोई मतदाता किसी वजह से अपना दावा प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं तो उनके लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा ज़िले में शनिवार 12 नवंबर, रविवार 13 नवंबर, शनिवार 19 नवंबर और रविवार 20 नवंबर को विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे।
राजनीतिक दलों की बैठक कल: जबलपुर फोटो निर्वाचक नामावली के प्रारूप प्रकाशन के संबंध में 9 नवम्बर की शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजनीतिक दलों की बैठक आयोजित की गई है। इन दलों के पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों से उपस्थित रहने का आग्रह किया गया है। विदित हो कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 9 नवम्बर को ही फोटो निर्वाचक नामावली के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रारूप का भी प्रकाशन किया जायेगा।
मप्र की सबसे बड़ी रिंग रोड के साथ ही साढ़े चार हजार करोड़ की योजनाओं का किया शिलान्यास
जबलपुर में मप्र की सबसे बड़ी रिंग रोड जो 112 किमी लंबाई की होगी उसके साथ ही लगभग साढ़े चार हजार करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास एवँ पूर्ण सड़को का लोकार्पण करने केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज जबलपुर आये और उन्होंने मंच से ही जबलपुर के विकास को नई दिशा देने साँसद राकेश सिंह की मांगो को स्वीकृति देते हुए जबलपुर को बड़ी सौगातें दे दी।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देश में हो रहे विकास कार्यों की चर्चा करते हुए नई टेक्नोलॉजी के बारे में भी चर्चा की, उनके भाषण के दौरान महाराष्ट्र में किए गए कार्यों की तुलना करने पर यह साफ नजर आया कि जबलपुर शहर में विकास कार्य तो किए जा रहे हैं परंतु इन विकास कार्यों के साथ ही पर्यटन को भी इन कार्यों में शामिल किया जा सकता है उदाहरण के तौर पर उन्होंने महाराष्ट्र के एक ब्रिज की चर्चा की जिसमें कैप्सूल लिफ्ट के द्वारा पर्यटक ऊंचाई से नज़ारों का लुफ्त उठाते हैं, हालांकि उन्होंने बताया कि जबलपुर के लिए प्रस्तावित ब्रिज का मॉडल भी अच्छा है पर यह एक राजनीतिक मजबूरी ही समझ आई । इसके अलावा भी उन्होंने म्यूजिकल फाउंटेन हैंगिंग गार्डन जैसे कई उदाहरण दिए जो यदि अमल में लाए गए तो शहर का रूप ही कुछ और नजर आएगा, प्रदेश सरकार के द्वारा किए जा रहे विकास कार्य सराहनीय है परंतु इन विकास कार्यों में गुणवत्ता का ख्याल रखना भी अति आवश्यक है जैसे कि अभी बन रहे फ्लाईओवर के नीचे सड़क पर दोनों और बनाई जा रही नालियों की गुणवत्ता पर अभी से सवाल उठना शुरू हो गए हैं ।
अपने अभिभाषण के दौरान नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि अब वह सड़के पूंजीपतियों या उद्योगपतियों के पैसों से नहीं बल्कि आम नागरिकों के पैसों से बनवाना चाहते हैं, इस बात से वह आम लोगों का ध्यान गवर्नमेंट बॉन्ड की तरफ आकर्षित करना चाहते थे जिस पर इन्वेस्ट करने पर उन्होंने 8% सालाना ब्याज देने की गारंटी आम नागरिकों को दी है, इस आयोजन में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ साथ ही कांग्रेस के प्रतिनिधियों को भी मंच पर स्थान दिया गया जबलपुर के महापौर जगत बहादुर सिंह, सांसद विवेक तंखा सहित विधायक विनय सक्सेना का भी मंच पर सम्मान किया गया । रिंग रोड एवं फ्लाईओवर के प्रगतिशील कार्यों के लिए जहां नितिन गडकरी ने शिवराज सिंह चौहान की खुलकर तारीफ की तो शिवराज सिंह चौहान ने सांसद राकेश सिंह को श्रेय देते हुए उन्हें सराहा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जबलपुर की यह रिंग रोड जबलपुर के विकास की गारंटी होगा और यातायात को सुगम बनाने के साथ ही यह जबलपुर के औद्योगिक विकास को भी गति देगा और रिंग रोड बनने के बाद यहां यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण कम होगा, जीने के स्तर में बदलाव होगा, यहाँ ट्रांसपोर्ट हब, इंटरस्टेट स्टेशन, फ्यूल स्टेशन, विकसित किये जा सकेंगे और इसके पूरा होते ही जबलपुर इंदौर से भी आगे निकल जायेगा।
रविवार की इस रात और नवंबर की इस सर्द रात में जब आप अपने घरों के खिड़की दरवाजे बंद करके बैठे हैं। उसी वक्त जबलपुर की पत्रकारिता के मील के पत्थर देशबंधु अख़बार के बरामदे में ये सर्द हवायें एक सर्द समाचार लेकर आती हैं। जो हर उस इंसान की रीढ़ कंपकपा देंगी जो शहर के बरसों पुराने इस अख़बार की दहलीज चढ़ चुका हो। ये ग़मगीन हवाएं बताती हैं कि जिस देशबंधु की पत्रकारिता के ज़रिये सुरजन परिवार ने शहर में पत्रकारिता के नये आयाम स्थापित किये। आज उस पत्रकारिता को जारी रखने वाला “दीपक” बुझ गया। देशबंधु ने आज अपने वर्तमान संपादक दीपक सुरजन को हमेशा के लिए खो दिया।
सौजन्य – फ़ेसबुक
उन्हें एक महीने पहले दिल का दौरा पड़ा था। उनका इलाज जबलपुर में चल रहा था लेकिन हालत ठीक न होने की वजह से उन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर में भर्ती किया गया। जहाँ उन्होंने रविवार की रात 10 बजे के लगभग अंतिम सांस ली। वे 63 वर्ष के थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकारिता का बड़ा अनुभव लिया। पत्रकारिता जगत में ये ऐसा नाम है जिसे किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। उनकी लेखनी ने समसामयिक घटनाक्रमों, राजनीतिक उथल-पुथल और सकारात्मक खबरों को अखबार पर सटीकता से उतारा है। उनका जाना न सिर्फ देशबंधु की बल्कि पत्रकारिता की भी अपूर्णीय क्षति है।
सियासत से आमने-सामने – सोशल मीडिया में अपनी प्रोफाइल पर न सिर्फ अपना कॉलम “खबरों के आसपास” शेयर करते थे बल्कि किसी खूबसूरत जगह घूमते वक़्त वहाँ की जानकारी फोटो और विडिओ के साथ पोस्ट करते थे। उनकी किताब ‘सियासत से आमने-सामने’ में उन्होंने राजनीति की बिसात पर सियासी शतरंज पर चालें-चलने वालों सहित देश-प्रदेश एवं स्थानीय, न्यायविदों, खिलाड़ी जैसे करीब अट्ठारह अलग-अलग व्यक्तियों से लिए गए साक्षात्कारों को समावेश किया है। जिनमें साक्षात्कारों, वार्तालापों में हुई ऐसी बातों को उल्लेखित किया गया है जो आज भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से प्रासंगिक हैं। उनकी ये किताब आपको पत्रकारिता के उस दौर में भी लेकर जाती है, जब मीडिया और राजनीति में सम्मानजनक रिश्ते हुआ करते थे और लोग पत्रकारिता को लोकतन्त्र का चौथा स्तम्भ समझते थे।
आज तीन बजे अंतिम यात्रा – उनका पार्थिव देह नागपुर से जबलपुर सुबह लाया जाएगा। उनकी अंतिम यात्रा उनके निज निवास दत्त एंक्लेव, माता गुजरी हास्टल के सामने, से दोपहर बाद 3 बजे ग्वारीघाट मुक्तिधाम के लिए प्रस्थान करेगी। उनके निधन की खबर से प्रदेश के पत्रकार जगत में शोक व्याप्त है, प्राथमिक मीडिया की ओर से हम उनके श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश में अलग-अलग तरह के आयोजन हुए। इसी उपलक्ष्य में कल शनिवार को डीईओ एलेवन और प्राइवेट स्कूल एलेवन के बीच सौहार्द क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। जो सेंट पॉल स्कूल ग्राउंड में खेला गया। इस मैच में डीईओ एलेवन की टीम ने स्कूल एलेवन को 9 विकेट से हरा दिया। डीईओ एलेवन की टीम की ओर से डीपीसी(जिला परियोजना समन्वयक) के.के.डेहरिया ने शानदार 35 रन की पारी खेलकर अपनी टीम को जिताने में विशेष योगदान दिया। जिसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया। स्कूल एलेवन ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 12 ओवर में 90 रन बनाए, इस लक्ष्य का पीछा करते हुए डीईओ एलेवन ने मात्र 9.5 ओवर में इस मैच को जीत लिया।